नई दिल्ली, 4 सितंबर (आईएएनएस)। नेपाल को मानवीय सहायता जारी रखते हुए विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शुक्रवार को कहा कि भारत ने अब तक सात विमानों से लगभग 95 टन राहत सामग्री भेजी है। साथ ही, हिमालयी देश में आई विनाशकारी अचानक बाढ़ के बाद बचाव और राहत कार्यों में मदद के लिए 54 कर्मी भी भेजे गए हैं।
नई दिल्ली में शुक्रवार को हर दो हफ्ते में होने वाली प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत नेपाल सरकार की जरूरतों के आधार पर मदद जारी रखेगा। साथ ही, आने वाले दिनों में और फोरेंसिक किट, बेली ब्रिज और मांगी गई अन्य सामग्री भेजने की भी योजना है।
जायसवाल ने कहा कि हम नेपाल सरकार की जरूरतों के हिसाब से मदद देना जारी रखेंगे। आने वाले दिनों में, हम और फोरेंसिक किट, बेली ब्रिज और नेपाल सरकार द्वारा मांगी गई दूसरी चीजें भेजने की योजना बना रहे हैं। कल, हमारे दो भारतीय विमान 21 टन राहत सामग्री लेकर काठमांडू गए थे। अब तक, हमने सात विमानों से लगभग 95 टन राहत सामग्री पहुंचाई है। राहत सामग्री के अलावा, हमने नेपाल में राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए 54 लोगों को भी भेजा है। इनमें 30 टनल रेस्क्यू एक्सपर्ट, 19 फोरेंसिक एक्सपर्ट और पांच सदस्यों वाली मेडिकल टीम शामिल है। हमारी बचाव और फोरेंसिक टीमें जमीन पर तैनात हैं और वे नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं।
जायसवाल ने आगे कहा कि अभी 275 भारतीय नागरिकों का कोई पता नहीं चल पाया है, जबकि 1,907 भारतीय नागरिक अब तक चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि चीन में आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में अभी कोई भी भारतीय यात्री फंसा हुआ नहीं है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हमारी मौजूदा जानकारी के मुताबिक, 275 भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं। हम नेपाल सरकार, यहां के गृह मंत्रालय और भारत में संबंधित राज्य सरकारों के लगातार संपर्क में हैं। हम बचाए गए भारतीयों के नाम नियमित रूप से जारी कर रहे हैं। हम इस मामले में नेपाल के अधिकारियों की कोशिशों की बहुत सराहना करते हैं। अब तक नेपाल में 166 भारतीय नागरिकों को बचाया गया है। अब तक 1,907 भारतीय नागरिक चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। और चीन में आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में कोई भी भारतीय यात्री फंसा हुआ नहीं है।
नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) के जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार दोपहर तक नेपाल में बाढ़ की आपदा से मरने वालों की संख्या 1,252 हो गई थी और 4,216 लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा था।
नेपाल के रसुवा में आई भीषण बाढ़ की शुरुआत 26 अगस्त को चीन के तिब्बत क्षेत्र में हुई थी। यह बाढ़ सीमा पार बहने वाली भोटे कोशी नदी से होकर गुजरी, जिससे विदेशी नागरिकों समेत एक हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई और हिमालयी देश में बड़े पैमाने पर तबाही मची।
--आईएएनएस
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