Balochistan Protest : बलूच छात्रा के अपहरण के खिलाफ क्वेटा में छात्रों का विरोध प्रदर्शन

खदीजा बलूच की रिहाई की मांग को लेकर क्वेटा में छात्रों का प्रदर्शन
पाकिस्तान: बलूच छात्रा के अपहरण के खिलाफ क्वेटा में छात्रों का विरोध प्रदर्शन

क्वेटा: बलूचिस्तान में आम लोगों के जबरन गायब किए जाने के खिलाफ बुधवार को प्रांतीय राजधानी क्वेटा में बोलान मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने कॉलेज के बाहर धरना दिया। उन्होंने छात्रा की सुरक्षित वापसी की मांग की, जिसे कथित तौर पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने उठा लिया है।

बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) के मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने मंगलवार को क्वेटा में बीएमसी के गर्ल्स हॉस्टल से खदीजा बलूच को जबरन उठा लिया और किसी अज्ञात जगह पर ले गए। उनके गायब होने के बाद से अब तक उनके परिवार या दोस्तों को उनकी हालत या लोकेशन के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।

बीवाईसी ने कहा, “यह विरोध प्रदर्शन जबरन गायब किए जाने की घटनाओं को खत्म करने और राज्य को उसके मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार ठहराने की मांग है। साथ ही खदीजा बलूच की तुरंत और सुरक्षित रिहाई की भी मांग है।”

कमेटी ने यह भी कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। पाकिस्तानी राज्य लंबे समय से बलूच परिवारों के खिलाफ जबरन गायब करने को सजा के तौर पर इस्तेमाल करता रहा है। इसमें छात्र, पत्नियां, बेटियां और पहले से पीड़ित लोग तक निशाना बनते हैं। खदीजा, जो पहले ही विधवा हैं, अब इसी सिस्टम की शिकार बनी हैं।

बीवाईसी ने बलूचिस्तान के लोगों से अपील की कि वे इस कथित दमन के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हों।

बलूच महिला फोरम (बीडब्‍ल्‍यूएफ) ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि किसी छात्रा को शैक्षणिक संस्थान के अंदर से उठाया जाना “मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन” है और यह दिखाता है कि अब पढ़ाई की जगहें भी खासकर महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं रह गई हैं।

बीडब्‍ल्‍यूएफ ने कहा, “यह घटना एक डरावनी सच्चाई को सामने लाती है कि अब शैक्षणिक संस्थान भी सुरक्षित नहीं हैं। हॉस्टल के अंदर से एक छात्रा का उठाया जाना कोई छोटी बात नहीं है, बल्कि यह उस माहौल को दिखाता है जिसमें बलूच महिला छात्राएं डर और असुरक्षा के बीच पढ़ाई कर रही हैं।”

फोरम ने छात्रों के इस विरोध का समर्थन करते हुए चेतावनी दी कि अगर इस मामले में चुप्पी, देरी या लापरवाही जारी रही, तो लोगों का गुस्सा और बढ़ेगा और कानून और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठेंगे।

बीडब्‍ल्‍यूएफ ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक संस्थाओं से अपील की कि वे इस मामले पर तुरंत ध्यान दें, चुप्पी तोड़ें और न्याय, जवाबदेही और बलूच महिला छात्रों की सुरक्षा के लिए दबाव बनाएं।

--आईएएनएस

 

 

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