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बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट ने पाकिस्तानी सुरक्षाबलों पर कई हमलों की जिम्मेदारी ली

बलूचिस्तान

क्वेटा, 27 अगस्त (आईएएनएस)। बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने बलूचिस्तान के विभिन्न इलाकों में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों और कथित तौर पर राज्य समर्थित तत्वों पर किए गए कई हमलों की जिम्मेदारी ली है। संगठन ने दावा किया है कि इन हमलों में 11 पाकिस्तानी सैन्यकर्मी और दो कथित राज्य समर्थित ऑपरेटिव मारे गए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, बीएलएफ के प्रवक्ता मेजर ग्वाहराम बलूच ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि 22 अगस्त को संगठन के लड़ाकों ने अवारान जिले के कोलवाह-गिशकोर क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना की सड़क सुरक्षा इकाई पर हमला किया। प्रवक्ता के मुताबिक, इस हमले में पांच सैन्यकर्मी मारे गए और तीन अन्य घायल हो गए।

बीएलएफ ने यह भी दावा किया कि सड़क निर्माण कार्य में इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों को निशाना बनाया गया। संगठन के अनुसार, घटना के बाद इलाके में पहुंचे एक सैन्य हेलीकॉप्टर पर भी उसके लड़ाकों ने गोलीबारी की।

प्रवक्ता ने कहा कि उसी दिन बीएलएफ के लड़ाकों ने शिरीन-ओ-फरहाद इलाके में एक पुलिस चौकी पर कब्जा कर लिया। बयान के अनुसार, चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों को हिरासत में लिया गया, एक कलाश्निकोव राइफल और अन्य उपकरण जब्त किए गए तथा चौकी, दो पुलिस वाहन और एक मोटरसाइकिल को आग लगा दी गई। बाद में हिरासत में लिए गए पुलिसकर्मियों को रिहा कर दिया गया।

बीएलएफ ने यह भी दावा किया कि बेला-झाओ रोड पर नाकाबंदी के दौरान वाहन जांच के समय उसने दो लोगों को मार गिराया, जिन्हें संगठन ने "राज्य समर्थित डेथ स्क्वॉड" का सदस्य बताया। संगठन के अनुसार, दोनों की पहचान वाजा बाग, झाओ के निवासी मोहम्मद और उनके बेटे जफर के रूप में हुई।

बयान में कहा गया कि दोनों से हथियार जब्त किए गए और उनकी मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया गया। बीएलएफ ने जफर पर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने और पाकिस्तानी सैन्य बलों के साथ सहयोग करने का भी आरोप लगाया।

पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से बीएलएफ के इन दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और न ही हताहतों की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि हुई है।

--आईएएनएस

डीएससी