वाशिंगटन, 9 सितंबर (आईएएनएस)। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने ईरान के दो अमेरिकी जहाजों पर हमले के दावे को सिरे से खारिज किया है। बुधवार को एक बयान जारी कर 'सच' बताया है।
सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फैक्ट बताया। उनके मुताबिक ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) फोर्स ने दावा किया कि उन्होंने मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी नौसेना के दो डिस्ट्रॉयर पर हमला किया। यह पूरी तरह से गलत है।
सच्चाई से रूबरू कराते हुए आगे कहा, "अमेरिकी नौसेना के किसी भी युद्धपोत पर हमला नहीं हुआ है; आईआरजीसी के सभी हमले नाकाम रहे। वहीं, अमेरिकी सेना ने पिछले एक हफ्ते में ईरान के 10 टैंकरों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया है। ये जहाज एक ऐसे अरबों डॉलर के 'शैडो नेटवर्क' का हिस्सा थे जो आईआरजीसी को फंड देता है, और ईरान इनकी रक्षा नहीं कर सकता।"
अमेरिका की ओर से किए गए हमले के जवाब में बुधवार सुबह ईरान ने खाड़ी में अमेरिका के दो युद्धपोतों और आठ तेल टैंकरों पर हमले का दावा किया था। साथ ही ये भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के प्रतिबंधित और असुरक्षित इलाके से गुजरने की कोशिश कर रहे दस जहाजों को भी निशाना बनाया। आईआरजीसी के मुताबिक यह हमले उस जवाबी कार्रवाई के तहत किए गए, जिसमें ईरान के पांच टैंकरों को निशाना बनाकर नष्ट किया गया।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने ईरान की सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने बुधवार को कहा कि उसने खाड़ी में अमेरिका के दो जहाजों और आठ तेल टैंकरों पर हमला किया।
आईआरजीसी नौसेना ने एक बयान में कहा कि उसने फारस की खाड़ी में मौजूद दो अमेरिकी जहाजों और आठ टैंकरों पर हमला किया। इसके साथ ही, होर्मुज स्ट्रेट के उस क्षेत्र से गुजरने की कोशिश कर रहे दस अन्य जहाजों को भी निशाना बनाया गया, जिसे उसने प्रतिबंधित और असुरक्षित क्षेत्र बताया।
मेहर की रिपोर्ट के अनुसार, बयान में कहा गया कि ये अभियान फारस की खाड़ी में ईरान के पांच टैंकरों के खिलाफ 'अमेरिकी सेना की आक्रामक और शरारतपूर्ण कार्रवाई' के जवाब में चलाए गए।
--आईएएनएस
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