अमेरिकी सांसद की मांग, 'रद्द हो चीनी छात्रों का एफ-1 और जे-1 वीजा'

अमेरिकी सांसद की मांग, 'रद्द हो चीनी छात्रों का एफ-1 और जे-1 वीजा'

 

वाशिंगटन, 21 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका की रिपब्लिकन सांसद एना पॉलिना लूना ने चीनी छात्रों के वीजा को तत्काल निलंबित या रद्द करने की मांग उठाई है। उन्होंने विदेश मंत्री मार्को रूबियो को पत्र लिखकर देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे चीनी नागरिकों के सभी एफ-1 और जे-1 छात्र वीजा तत्काल निलंबित और रद्द करने की मांग की है।

उन्होंने हाल ही में सार्वजनिक किए गए खुफिया दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया कि इनमें चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) द्वारा अमेरिकी चुनावों में हस्तक्षेप के प्रयासों का उल्लेख है।

हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर अमेरिका के चुनावों को प्रभावित करने के लिए व्यापक अभियान चलाने का आरोप लगाया था। ट्रंप का दावा है कि बीजिंग ने उनके राष्ट्रपति कार्यकाल को कमजोर करने, लाखों अमेरिकी मतदाताओं का डेटा हासिल करने और अपनी गतिविधियों को अमेरिकी खुफिया तंत्र के भीतर छिपाने की कोशिश की।

विदेश मंत्री को संबोधित अपने पत्र में लूना ने लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में राष्ट्र के नाम संबोधन में ऐसे दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं, जिनके अनुसार वर्ष 2020 के चुनावों से पहले चीनी सरकार ने अमेरिकी चुनावी आंकड़ों को निशाना बनाते हुए इतिहास के सबसे बड़े साइबर जासूसी अभियानों में से एक को अंजाम दिया।

पत्र के अनुसार, इन कथित साइबर हमलों में मतदाताओं के नाम, पते, फोन नंबर, राजनीतिक संबद्धता और पंजीकरण संबंधी अन्य जानकारी चुराई गई। लूना ने कहा कि ये खुलासे बेहद गंभीर हैं और विदेश मंत्रालय सहित सभी संबंधित एजेंसियों को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी विश्वविद्यालय लंबे समय से विदेशी खुफिया एजेंसियों के लिए संवेदनशील प्रवेश बिंदु रहे हैं। उनका तर्क है कि सार्वजनिक किए गए दस्तावेजों में जिन स्तर के हस्तक्षेप का उल्लेख किया गया है, उसे देखते हुए अमेरिका अब मौजूदा छात्र वीजा व्यवस्था को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के संभावित प्रभाव अभियान का माध्यम बनने की अनुमति नहीं दे सकता।

लूना ने पत्र में लिखा, "मैंने राष्ट्रपति के संबोधन के बाद भी सार्वजनिक रूप से कहा था कि हर एक चीनी छात्र वीजा तत्काल रद्द किया जाना चाहिए। यह अमेरिकी चुनावों की अखंडता को कमजोर करने के लिए प्रायोजित प्रयासों के जवाब में आवश्यक और उचित कदम है।"

उन्होंने विदेश मंत्रालय से सभी सक्रिय चीनी छात्र वीजा की तत्काल समीक्षा कर उन्हें रद्द करने तथा चीनी नागरिकों को नए छात्र वीजा जारी करने की प्रक्रिया रोकने की भी मांग की। साथ ही उन्होंने अमेरिकी विश्वविद्यालयों में लागू जांच और सत्यापन प्रक्रिया की व्यापक समीक्षा करने का आग्रह किया।

पिछले सप्ताह व्हाइट हाउस से राष्ट्र के नाम अपने टेलीविजन संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनावी सुरक्षा से जुड़े खुफिया दस्तावेजों को तत्काल सार्वजनिक (डिक्लासिफाई) करने की घोषणा की। उन्होंने दावा किया कि इन दस्तावेजों से अमेरिका की चुनावी प्रणाली में "चौंकाने वाली कमजोरियों" का खुलासा हुआ है और इनमें वर्षों से अमेरिकी राजनीति को प्रभावित करने के चीन के कथित प्रयासों का विवरण मौजूद है।

ट्रंप ने कहा, "पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना ने चुनावी आंकड़ों से अब तक की सबसे बड़ी सेंधमारी को अंजाम दिया, जिसके परिणामस्वरूप चीन ने अवैध रूप से अमेरिका के 22 करोड़ (220 मिलियन) मतदाताओं की फाइलें हासिल कर लीं।"

--आईएएनएस

केआर/