वाशिंगटन, 29 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका और सऊदी अरब की सेनाओं ने पूर्वी इराक में ईरान-समर्थित समूहों के खिलाफ सटीक हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई अमेरिकी सैनिकों और सऊदी अरब के ऊर्जा ढांचे पर 30 से अधिक ड्रोन हमलों के बाद की गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने यह जानकारी दी।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, अमेरिका और सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने ईरान-समर्थित समूहों के कई लॉजिस्टिक्स और हथियारों के ठिकानों पर हमला किया। कमांड ने कहा कि यह अभियान पिछले 72 घंटों के दौरान ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के निर्देशन में किए गए हवाई हमलों के जवाब में चलाया गया।
सेंटकॉम ने कहा, "अमेरिकी सेना के खिलाफ किए गए गैर-जरूरी हमले सफल नहीं रहे।" हालांकि, कमांड ने यह नहीं बताया कि किन समूहों को निशाना बनाया गया या हमले पूर्वी इराक में किन-किन स्थानों पर किए गए। कमांड ने बस इतना कहा कि ये पूर्वी इराक में हुए थे। इसने ऑपरेशन से हुए नुकसान या हताहतों के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी।
सेंट्रल कमांड ने कहा कि इराक में ईरान-समर्थित मिलिशिया ने फरवरी और अप्रैल 2026 के बीच अमेरिकी नागरिकों और ठिकानों पर 600 से अधिक हमले करने की कोशिश की थी। सेंटकॉम ने कहा, "आईआरजीसी व उसके आतंकवादी सहयोगियों को अमेरिकी सेना की और जवाबी कार्रवाई से बचने के लिए ये हमले बंद करने होंगे।"
हालांकि, ये संयुक्त हवाई हमले ऐसे समय में किए गए, जब पूरे मध्य पूर्व में सैन्य गतिविधियां तेज हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि शाम 5:45 बजे (ईस्टर्न टाइम) आईआरजीसी ने ईरान से क्षेत्र में तैनात अमेरिकी बलों पर अचानक हमला करने के उद्देश्य से कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। कमांड ने कहा, "ईरान की सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया गया। अमेरिकी सेना सतर्क है और पूरी तरह तैयार है।"
सेंट्रल कमांड ने यह नहीं बताया कि कितनी मिसाइलें दागी गईं, उन्हें कहां रोका गया या किन अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि उन्हें रोकने के लिए कौन-सी रक्षा प्रणालियों का उपयोग किया गया।
कमांड ने एक अन्य बयान में कहा कि 20 से अधिक अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत सैन्य मिशनों के समर्थन में मध्य पूर्व में तैनात हैं। उन अभियानों में ईरान के खिलाफ अमेरिका की 'स्टील वॉल नाकेबंदी' को सख्ती से लागू करना भी शामिल था।
सेंटकॉम ने कहा कि उसने नियमों का पालन कराने के लिए 18 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला, दो जहाजों को रोका और दो अन्य की तलाशी ली गई। हालांकि, कमांड ने इन जहाजों की पहचान, उनके मालिकों, उनके माल या यह कार्रवाई किन समुद्री क्षेत्रों में हुई, इसकी जानकारी साझा नहीं की।
--आईएएनएस
डीसीएच/






