अमेरिका-ईरान डील को लेकर 'फेक मीडिया रिपोर्ट' पर भड़के वेंस, बोले- लोग झूठे पोस्ट पर कर रहे भरोसा

अमेरिका-ईरान डील को लेकर 'फेक मीडिया रिपोर्ट' पर भड़के वेंस, बोले- लोग झूठे पोस्ट पर कर रहे भरोसा

वाशिंगटन, 12 जून (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने पुष्टि की है कि इस्लामाबाद एमओयू अपने आखिरी चरण में पहुंच चुका है। इस बीच, अमेरिका और ईरान डील को लेकर कुछ मीडिया रिपोर्ट्स पर अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने नाराजगी जाहिर की है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मैं स्ट्रेट को फिर से खोलने और ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को खत्म करने की संभावित डील के बारे में बहुत सारी झूठी जानकारी देख रहा हूं। पहली बात, ईरानियों को कोई कैश नहीं मिल रहा है और सिर्फ डील साइन करने या मीटिंग में शामिल होने के लिए कोई फंड जारी नहीं किया जा रहा है।"

ईरान के साथ समझौते को लेकर अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह डील इस तरह से बनाई गई है कि अमेरिका और उसके सहयोगियों की चिंताओं को प्राथमिकता दी जाए और अगर ईरान अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करता है, तो उन्हें और पूरे इलाके को आर्थिक फायदे मिलेंगे। इस समझौते में इलाके के पुनर्निर्माण और शांति लाने की क्षमता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले ईरान और 'फेक न्यूज मीडिया' को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ईरान ने जो शर्तें फेक न्यूज मीडिया को लीक कीं, उनका उन शर्तों से कोई लेना-देना नहीं है जिन पर लिखकर सहमति बनी थी। इसका सच से कोई लेना-देना नहीं है।

अमेरिकी राष्ट्रपति के बाद उपराष्ट्रपति वेंस ने भी कुछ मीडिया रिपोर्ट्स पर नाराजगी जताई और कहा कि पिछले कुछ घंटों की रिपोर्टिंग में कई हैरान करने वाली बातें देखने को मिली हैं। जो लोग एक महीने पहले तक सही तौर पर डोनाल्ड ट्रंप को एक ऐतिहासिक राष्ट्रपति बता रहे थे, वही अब बिना पुष्टि वाली मीडिया रिपोर्टों के आधार पर किसी समझौते की आलोचना कर रहे हैं।

वेंस ने आगे कहा, "दूसरी बात, जो लोग कहते हैं कि आईआरजीसी की किसी भी बात पर भरोसा नहीं किया जा सकता, वही लोग किसी भी बिना सत्यापित सोर्स वाले सोशल मीडिया पोस्ट पर विश्वास कर रहे हैं।”

उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा, “राष्ट्रपति किसी न किसी तरीके से हमारे लिए सकारात्मक और संतोषजनक परिणाम सुनिश्चित करेंगे।”

--आईएएनएस

केके/डीएससी