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70 सालों में चीन-मिस्र संबंध हुए मजबूत

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बीजिंग, 3 सितंबर (आईएएनएस)। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 1 और 2 सितंबर को मिस्र की राजकीय यात्रा की। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों के नेताओं ने मुलाकात की और व्यापक सहमतियां कायम कीं। शी चिनफिंग ने चीन-मिस्र साझे भविष्य वाले समुदाय का निर्माण बढ़ाने पर पांच सूत्रीय विचार पेश किये।

वहीं, मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतह अल सीसी ने कहा कि मिस्र चीन के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी का विकास बढ़ाने में जुटा है।

बताया जाता है कि यह 10 साल बाद शी चिनफिंग की फिर से मिस्र की राजकीय यात्रा है। इस साल चीन और मिस्र के बीच राजनयिक संबंध स्थापना की 70वीं वर्षगांठ है। इस यात्रा के अतीत को आगे बढ़ाते हुए भविष्य को खोलने का विशेष महत्व है।

मिस्र सबसे पहले चीन के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाला अरब और अफ्रीकी देश है, सबसे पहले साझे भविष्य वाले समुदाय के निर्माण के लक्ष्य को द्विपक्षीय संबंधों के संयुक्त वक्तव्य में जोड़ने वाला अरब देश है और सबसे पहले चीन के साथ रणनीतिक संबंध स्थापित करने वाला विकासशील देश भी है। पिछले 70 सालों में चाहे अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्थिति में कितना भी बड़ा परिवर्तन क्यों न आया हो, चीन-मिस्र संबंध हमेशा सही दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं, जो विकासशील देशों के बीच मित्रवत सह अस्तित्व और एकजुट होकर सहयोग की आदर्श मिसाल बन गए हैं।

आपसी राजनीतिक विश्वास चीन-मिस्र संबंधों का आधार है। आर्थिक व व्यापारिक सहयोग चीन-मिस्र संबंधों की मजबूत शक्ति है। सभ्यताओं के बीच आपसी सीख चीन-मिस्र संबंधों की महत्वपूर्ण कड़ी है।

बड़े विकासशील देश और महत्वपूर्ण वैश्विक दक्षिण देश होने के नाते अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा करने, निष्पक्षता व न्याय की वकालत करने और बहुपक्षवाद का कार्यान्वयन करने में चीन और मिस्र का समान लक्ष्य और खोज है। भविष्य की ओर उन्मुख होने के समय चीन और मिस्र लगातार साझे भविष्य वाले समुदाय का निर्माण बढ़ाएंगे, ताकि अशांत और बदलती दुनिया में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया जा सके।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

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