Advertisement banner

यूसीसी के प्रावधान सामने आने के बाद ही जदयू लेगा फैसला, विजय चौधरी बोले- अभी स्टैंड लेना जल्दबाजी

जदयू अभी यूसीसी पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लेगी, विजय चौधरी ने दिया बयान।
यूसीसी

पटना, 15 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के उपमुख्यमंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने मंगलवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर कहा कि अभी इसके विधेयक के प्रावधान सार्वजनिक नहीं हुए हैं, इसलिए इस पर कोई अंतिम रुख तय करना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि विधेयक आने के बाद उसके प्रावधानों का अध्ययन किया जाएगा और इसके बाद पार्टी स्तर पर विमर्श के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी चर्चा की जाएगी।

एक प्रेस वार्ता में विजय चौधरी ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के यूसीसी को लेकर दिए गए बयान को उन्होंने पढ़ा और सुना है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रस्तावित विधेयक में क्या-क्या प्रावधान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "पहले बिल आने दीजिए, उसके प्रावधानों का अध्ययन होगा। हमारे कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रावधानों को देखने के बाद सीधे गृह मंत्री से चर्चा होगी। इसके बाद पार्टी में विमर्श होगा और फिर निर्णय लिया जाएगा।"

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी अपने गठबंधन के घटक दलों से भी बातचीत करेगी। यदि विधेयक में कोई विवादास्पद प्रावधान नहीं होगा तो उसका विरोध करने का कोई कारण नहीं है, लेकिन किसी प्रावधान को लेकर चिंता हुई तो गृह मंत्री से बातचीत कर उसे दूर करने का अनुरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल क्या चाहता है या क्या कहता है, इससे जदयू को कोई मतलब नहीं है। पार्टी को अपनी सोच और गठबंधन के दलों की राय के आधार पर निर्णय लेना है।

उन्होंने कहा कि जदयू ऐसा विधेयक चाहेगा जिसमें सभी के हितों का ध्यान रखा गया हो। जदयू के नाम में बदलाव के सुझाव पर विजय चौधरी ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की ओर से 'जनता दल (यूनाइटेड)' को 'जनता दल नीतीश' के रूप में नामित करने का सुझाव दिया गया है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद की बैठक में विमर्श के बाद लिया जाएगा। बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार से पूरी तरह आशान्वित होने की बात कही।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बुधवार को बिहार आने की घोषणा की है। वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर क्षति का आकलन करेंगे। विजय चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने भी बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन तैयार किया है और केंद्र से वास्तविक क्षति के अनुरूप मुआवजा एवं सहायता की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार में बाढ़ के लिए नेपाल, झारखंड और उत्तर प्रदेश से आने वाला पानी भी एक बड़ा कारण है, जिस पर राज्य का सीधा नियंत्रण नहीं है।

उन्होंने कहा कि जल संसाधन विभाग के अभियंताओं और अधिकारियों ने पूरी मुस्तैदी से काम किया। इस बार गंगा का जलस्तर ऐतिहासिक रूप से ऊंचे स्तर पर पहुंचा और गांधी घाट पर पानी की ऊंचाई 50.59 मीटर दर्ज की गई। भागलपुर में बांध कटने की गंभीर स्थिति पैदा हुई थी, लेकिन अधिकारियों, अभियंताओं और विभाग के सचिव ने करीब एक सप्ताह तक मौके पर रहकर बांध को बचाया।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक करीब आठ लाख बाढ़ प्रभावित परिवारों को डीबीटी के माध्यम से प्रति परिवार 7,000 रुपए की सहायता राशि दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि आगे भी जो परिवार प्रभावित होंगे, उन्हें सहायता दी जाएगी।

--आईएएनएस

एमएनपी/डीकेपी