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पश्चिम बंगाल: नवजात को बेचने की कोशिश करते समय महिला गिरफ्तार, एसएसबी ने दो महीने के बच्चे को बचाया

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कोलकाता, 29 अगस्त (आईएएनएस)। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के सतर्क जवानों ने पश्चिम बंगाल की एक महिला को दो महीने के एक शिशु को बेचने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार कर लिया। महिला का दावा है कि बच्चा उसका अपना है। यह सौदा बिहार में भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित एक बस स्टैंड पर शुक्रवार को होने वाला था।

एक वरिष्ठ एसएसबी अधिकारी ने बताया कि शिशु को बेचने की कोशिश की सूचना मिलने के बाद 41वीं बटालियन एसएसबी की ए और जी कंपनी की संयुक्त टीम ने बिहार के किशनगंज जिले के गलगलिया बस स्टैंड पर अभियान चलाया।

कार्रवाई के दौरान 37 वर्षीय महिला को पकड़ा गया और 19 जून 2026 को जन्मे एक शिशु लड़के को सुरक्षित बचा लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि वह बच्चे को 2.5 लाख रुपए में बेचने वाली थी।

गिरफ्तार महिला की पहचान रिंकू यादव (37) के रूप में हुई है। वह पश्चिम बंगाल के बागडोगरा के हाथखोला इलाके की रहने वाली है और अर्जुन यादव की पत्नी है। महिला ने बताया कि उसे पैसों की जरूरत थी, इसलिए उसने बच्चे को बेचने की योजना बनाई थी। उसे भटगांव-गलगलिया बस स्टैंड पर राजस्थान के एक अज्ञात व्यक्ति को बच्चा सौंपना था।

महिला और बच्चे को आगे की जांच के लिए गलगलिया पुलिस थाने को सौंप दिया गया है। पुलिस अब मामले की पूरी सच्चाई पता लगाने और यह जांच करने में जुटी है कि इस कथित सौदे में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।

इस अभियान में एसएसबी रानीडांगा की एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) और किशनगंज की गैर-सरकारी संस्था राहत ऑर्गनाइजेशन ने भी सहयोग किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "महिला लगातार दावा कर रही है कि बच्चा उसका है। इसकी पुष्टि की जाएगी। हमने बागडोगरा के अधिकारियों से संपर्क किया है। जरूरत पड़ने पर डीएनए जांच भी कराई जा सकती है।"

अधिकारी ने यह भी कहा कि यदि यह साबित भी हो जाए कि बच्चा उसी का है, तब भी यह तय करना होगा कि बच्चे को वापस उसके हवाले किया जाए या नहीं, क्योंकि दोबारा उसे बेचने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम