कोलकाता, 2 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में साल के अंत तक शहरी निकाय चुनाव कराने के लक्ष्य के साथ पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव आयोग (डब्ल्यूबीएसईसी) ने बुधवार को एक अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी।
जिन जिलों में नगर निगम और नगर पालिका के चुनाव होने हैं, वहां के जिलाधिकारियों को बैठक में मौजूद रहने के लिए कहा गया है। बैठक में मौजूदा स्थिति, ईवीएम की उपलब्धता और अन्य जरूरी मुद्दों पर समीक्षा की जाएगी।
साल के अंत तक जिन शहरी निकायों में चुनाव होने हैं, उनमें सबसे अहम कोलकाता नगर निगम (केएमसी) और हावड़ा नगर निगम (एचएमसी) हैं। केएमसी राज्य का सबसे पुराना नगर निगम है।
फिलहाल दोनों ही नगर निगम परिसीमन के दौर से गुजर रहे हैं। केएमसी में ड्राफ्ट परिसीमन प्रस्ताव में वार्डों की संख्या 144 से बढ़ाकर 209 करने का सुझाव दिया गया था। हालांकि अंतिम संख्या 211 तक पहुंचने की संभावना है। वहीं, एचएमसी में ड्राफ्ट प्रस्ताव के तहत वार्डों की संख्या 50 से बढ़ाकर 68 करने की योजना है।
इस वजह से दोनों नगर निगमों में आगामी चुनाव नए वार्ड लेआउट के आधार पर होंगे। वार्डों की संख्या बढ़ने से वोटरों की संरचना, चुनावी तैयारी और प्रशासनिक प्रबंधन में बड़े बदलाव आए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह पुनर्गठन इन दोनों निकायों, खासकर कोलकाता के चुनावी नक्शे के लिए बेहद अहम है।
हालांकि, डब्ल्यूबीएसईसी के एक सूत्र ने बताया कि आयोग के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय ईवीएम की कमी है। इस वजह से आयोग ने पहले ही कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
सूत्र के मुताबिक, "पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से जुड़े कई चुनावी याचिका मामले कलकत्ता हाईकोर्ट में लंबित हैं। इन सभी मामलों में कोर्ट ने भारत निर्वाचन आयोग को विभिन्न केंद्रों की ईवीएम मशीन, वीवीपैट और अन्य सामग्री को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। इसके चलते ईवीएम की कमी से नगर निकाय चुनावों की घोषणा में देरी हो सकती है। इसी को देखते हुए हमने कलकत्ता हाईकोर्ट में तत्काल सुनवाई के लिए अपील की है।"
बताया जा रहा है कि कलकत्ता हाईकोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश तपब्रत चक्रवर्ती और न्यायमूर्ति अतारूप बनर्जी की खंडपीठ के समक्ष तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया गया है। इस मामले पर अगले हफ्ते सुनवाई होने की संभावना है।
--आईएएनएस
वीकेयू/पीएम







