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पश्चिम बंगाल: शहरी क्षेत्रों में थूकने, कूड़ा फेंकने और सार्वजनिक स्थानों पर यूरिनेशन करने पर जुर्माना लागू

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कोलकाता, 1 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को थूकने, कूड़ा फेंकने और सार्वजनिक स्थानों पर पेशाब करने से रोकने के लिए उन पर वित्तीय जुर्माना लगाने की प्रणाली मंगलवार से शुरू कर दी गई है।

राज्य की नगर पालिका एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल पहले ही दावा कर चुकी हैं कि चूंकि इस मामले में शहरी क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान पहले ही चलाए जा चुके हैं, इसलिए इस मामले में समय सीमा में कोई विस्तार नहीं किया जाएगा।

उनकी घोषणा के अनुसार, यह व्यवस्था मंगलवार सुबह 6 बजे से लागू हो गई थी।

राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल को कूड़ा-कचरा मुक्त और स्वच्छ रखने के लिए पहले ही कदम उठा लिए हैं। पॉल ने स्वयं भी शहर को साफ रखने का संदेश बार-बार दिया है। उन्होंने स्वयं भी लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए कई बार सड़कों पर उतरकर अभियान चलाया है।

कभी उन्हें झाड़ू से सड़कें साफ करते देखा गया तो कभी कूड़ेदान बांटते। राज्य के नगर निगम एवं शहरी विकास विभाग के एक अधिकारी ने बताया, “जुलाई और अगस्त के दौरान जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें स्वयं मंत्री जी ने अग्रणी भूमिका निभाई। हालांकि, सितंबर से सार्वजनिक स्थानों पर थूकने, कूड़ा फेंकने और पेशाब करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।”

मंगलवार से सभी नगर निगम, नगरपालिकाएं और अधिसूचित क्षेत्र इस नए नियम के दायरे में आ गए हैं। इस संबंध में सभी जिला मजिस्ट्रेटों को अधिसूचना भेज दी गई है, ताकि वे नए नियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कर सकें।

नए नियम का नारा है - 'कूड़ा न फैलाएं। सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, अस्पतालों आदि में थूकें नहीं। बंगाल को स्वच्छ रखें।' राज्य प्रशासन ने सूचित किया है कि सड़कों, सीवरों, जल निकायों, बाजारों, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक स्थलों और सरकारी भवनों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर 100 रुपये का जुर्माना तय किया गया है और सार्वजनिक स्थानों पर पेशाब करने पर 200 रुपये का जुर्माना है। कूड़ा फेंकने और प्रतिबंधित प्लास्टिक के थैले ले जाने पर भी 200 रुपये का जुर्माना है। हालांकि, नकद जुर्माना नहीं लिया जाएगा और जुर्माने का भुगतान केवल डिजिटल माध्यम से ही किया जाना चाहिए।

राज्य सरकार विक्रेताओं और खरीदारों दोनों के लिए 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाली एकल-उपयोग प्लास्टिक वस्तुओं पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू कर रही है। दुकान मालिकों को सार्वजनिक सड़कों पर अपनी दुकानों के बाहर कचरा जमा करने से भी रोक दिया गया है।

--आईएएनएस

एसएचके/एएस