पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने कुर्मी आंदोलन से जुड़े केस वापस लेने का वादा किया

कुर्मी आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने का वादा
पश्चिम

कोलकाता, 20 सितंबर (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रविवार को घोषणा की कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार कुर्मी आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज सभी केस वापस ले लेगी।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि कुर्माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाएगा।

पुरुलिया जिले में करम महासमावेश और सांस्कृतिक कार्यक्रम में बोलते हुए अधिकारी ने पिछली तृणमूल सरकार पर आरोप लगाया कि उसने कुर्मी और अन्य समुदायों के बीच झगड़ा पैदा करके जंगलमहल इलाके को अलग-थलग कर दिया था।

हाल ही में, राज्य सरकार ने कहा था कि वह कुर्मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सूची में शामिल करने के लिए केंद्र को एक 'आगे सामान्य औचित्य रिपोर्ट' भेजेगी।

रविवार को, कुर्मी समुदाय के प्रमुख समर्थक अजीत महतो की मौजूदगी में मुख्यमंत्री अधिकारी ने फिर से कहा कि उनकी सरकार यह पक्का करेगी कि बांकुरा और पुरुलिया जिलों के लोगों को अब अलग-थलग महसूस न हो।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने बार-बार झूठ बोला, मूल निवासियों के बीच मनमुटाव पैदा किया और जंगलमहल को बांटने की कोशिश की। उन्होंने आगे कहा कि जब आपने विरोध किया, तो आपको प्रताड़ित किया गया। पुलिस का इस्तेमाल किया गया। झूठे केस दर्ज किए गए। यहां तक ​​कि बच्चों और बुजुर्गों को भी नहीं बख्शा गया।

कुर्मी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले वापस लेने की घोषणा करते हुए अधिकारी ने कहा कि सरकार का दायित्व है कि वह भाषा, संस्कृति, परंपरा और अधिकारों की गरिमा की रक्षा करे।

उन्होंने पिछली सरकार की पहाड़ों को बेचने के लिए आलोचना की और वादा किया कि उनके कार्यकाल में किसी भी प्राकृतिक संसाधन की नीलामी नहीं की जाएगी।

पुरुलिया-प्रथम ब्लॉक के कराडी मैदान में आयोजित करम महासमाबेश में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अधिकारी ने कहा कि यह पहली बार है जब किसी मुख्यमंत्री को इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है।

उन्होंने कुर्मी विकास बोर्ड के लिए 50 करोड़ रुपए के आवंटन की घोषणा की और आवश्यकता पड़ने पर धनराशि बढ़ाने का वादा किया।

उन्होंने यह भी कहा कि पुरुलिया में जल्द ही हवाई उड़ानें शुरू करने, पुरुलिया चिड़ियाघर का जीर्णोद्धार करने और जिले में चीतों को लाने की व्यवस्था की जा रही है।

--आईएएनएस

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