Viksit Bharat Dialogue : 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग' की ऐतिहासिक पहल, युवा शक्ति बनी राष्ट्र शक्ति

पीएम-मंत्रियों के सामने रखे विचार, बजट में मिला स्थान
'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग' की ऐतिहासिक पहल, युवा शक्ति बनी राष्ट्र शक्ति

नई दिल्ली: देश के युवाओं के लिए वर्ष 2026 का केंद्रीय बजट सिर्फ आंकड़ों और योजनाओं का दस्तावेज नहीं, बल्कि उनकी सोच, सपनों और सुझावों की सीधी झलक बनकर सामने आया है। 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026' में शामिल युवाओं के विचारों को न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रियों ने सुना, बल्कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में इन सुझावों का जिक्र भी किया। इसे युवाओं की भागीदारी और भरोसे का ऐतिहासिक उदाहरण माना जा रहा है।

पश्चिम बंगाल के दिपायन सुंदर घोष, जो 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026' के प्रतिभागी और प्रेजेंटर रहे, बताते हैं कि उन्हें इस कार्यक्रम की जानकारी एनएसएस के माध्यम से मिली। उन्होंने इसमें हिस्सा लेने का फैसला किया और चयन प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों को पार किया।

दिपायन के अनुसार, इस कार्यक्रम में क्विज, निबंध प्रतियोगिता, राज्य स्तर पर पीपीटी प्रेजेंटेशन और इसके बाद राष्ट्रीय स्तर का राउंड शामिल था। इन सभी चरणों के बाद उनका चयन उन 25 युवाओं में हुआ, जिन्हें सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिला।

दिपायन ने आईएएनएस से कहा, "यह अनुभव अपने आप में बहुत खास था। जिन विचारों पर हमने मेहनत की, उन्हें साझा करने का मौका मिला। सबसे ज्यादा गर्व तब हुआ, जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 के भाषण में हमारे विचारों का जिक्र किया।"

उन्होंने कहा कि टीवी और खबरों में जिस प्रधानमंत्री को देखते थे, उनसे सीधे बातचीत करना उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा।

उत्तराखंड के नैनीताल से आए अनघ सक्सेना भी इस डायलॉग के प्रतिभागी और प्रेजेंटर रहे। उन्होंने कहा कि उनका संकल्प 'विकसित भारत 2047' के विजन को पूरा करने का था। अनघ के अनुसार, "सबसे गर्व का पल तब था, जब हमें लगा कि हमारे विचार सच में सुने जा रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि उनके नजरिए से यह पहली बार हुआ है जब युवाओं की आवाज इतने बड़े मंच पर सुनी गई और सीधे केंद्रीय बजट में शामिल की गई। अनघ ने बताया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे 'यूथ ड्रिवन बजट' कहा, जो युवाओं के लिए बड़ी उपलब्धि है।

हरियाणा के हिसार स्थित जीजेयूएसटी ओल्ड कैंपस से निमिषा सूर्यवंशी ने भी इस अनुभव को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपने विचार साझा किए, तो उस पर विस्तार से टिप्पणी की गई। निमिषा के अनुसार, उनसे कहा गया कि वे अपने विचारों को एक सीरीज या ब्लॉग के रूप में लिखें ताकि उन्हें प्रकाशित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि यह युवाओं के लिए गर्व की बात है कि उनकी आवाज को न केवल बजट में जगह मिली, बल्कि उसे आधिकारिक दस्तावेज का हिस्सा भी बनाया गया। उनके मुताबिक, यह युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति बनाने की दिशा में एक बेहतरीन कदम है।

निमिषा ने कहा कि आधिकारिक रूप से यह पहली बार हुआ है जब युवाओं के विचार और विजन को केंद्रीय बजट में शामिल किया गया। उन्होंने इसे 'विकसित भारत 2024' की नींव करार दिया और कहा कि इससे युवाओं को राष्ट्र निर्माण में और सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा मिलेगी।

झारखंड के हजारीबाग निवासी अमन हेंब्रम (जो सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड के पीएचडी रिसर्च स्कॉलर हैं) ने भी अपने अनुभव साझा किए। अमन ने बताया कि केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से सीधे बातचीत के दौरान उन्हें यह आश्वासन मिला था कि युवाओं के विचारों को जगह दी जाएगी।

उन्होंने कहा, "जब हमने अपने सुझावों को जमीन पर उतरते हुए देखा, तो बहुत अच्छा लगा। इसके लिए मैं केंद्रीय मंत्री का धन्यवाद करता हूं।"

अमन ने बताया कि जब युवाओं के विचार प्रधानमंत्री और मंत्रियों के सामने रखे गए, तो उनकी सराहना की गई और विजन से वे प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि इस बार के केंद्रीय बजट को 'युवा-केंद्रित बजट' कहा जाना युवाओं के लिए गर्व की बात है।

प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है, अमन ने कहा कि जेन-जी आगे चलकर देश की बागडोर संभालेगी। 2047 के विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए युवा पूरी तरह तैयार हैं, बस उन्हें अवसर देने की जरूरत है।

उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार युवा यह महसूस कर रहे हैं कि वे सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि नीति निर्माण की कहानी के नायक हैं। 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026' में करीब 3,000 चयनित युवा 'विकसित भारत' के विचार और संकल्प का चेहरा बन चुके हैं।

अमन के अनुसार, यह बजट युवाओं, महिलाओं और विकसित भारत पर केंद्रित है। ऑरेंज इकोनॉमी, डिजिटल इंडिया, ड्रोन, स्पेस और डिफेंस स्टार्टअप्स पर फोकस को उन्होंने भारत को ग्लोबल इनोवेशन हब बनाने की दिशा में अहम कदम बताया और कहा कि अब भारत में ब्रेन ड्रेन नहीं होगा और भारत के युवा भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।

--आईएएनएस

 

 

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