विजयवाड़ा, 18 सितंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने विजयवाड़ा स्थित विशेष एनआईए न्यायालय में ऑनलाइन कट्टरपंथ मामले में नौ आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है।
आरोपपत्र मोहम्मद रहमतुल्लाह शरीफ, मोहम्मद दानिश, मिर्जा सोहेल बेग, लकी अहमद, जिशान अब्दुल मजीद, मीर आसिफ अली, अब्दुल सलाम, शाहरुख खान और शेख फैजुर रहमान के खिलाफ दायर किया गया है। ये सभी आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के कथित सदस्य और समर्थक हैं।
एनआईए ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि उन पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 61(2) के साथ धारा 3(5) और 152 तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा 13(1), 38 और 39 के तहत आरोप लगाए गए हैं।
एनआईए ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा कि यह मामला शुरू में 23 मार्च, 2026 को विजयवाड़ा द्वितीय टाउन पुलिस स्टेशन, एनटीआर कमिश्नरेट, विजयवाड़ा में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 113(3), 152, 196(1)(ए), और 196(2) के साथ धारा 61(2), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66एफ, और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 13, 18, 18ए, 18बी, 38 और 39 के तहत दर्ज किया गया था।
अब तक इस मामले में 11 आरोपियों और कानून के साथ संघर्ष कर रहे एक बच्चे को हिरासत में लिया है।
केंद्रीय एजेंसी ने बताया कि जांच से यह साबित हो गया है कि आरोपी व्यक्ति ने आईएसआईएस की गतिविधियों को समर्थन देने के लिए एक बड़ी साजिश रची थी। मुख्य रूप से इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से, उनका उद्देश्य हिंसक जिहाद के जरिए भारत में खिलाफत स्थापित करना और इस प्रकार भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को भंग करना था।
यह भी साबित हो गया है कि आरोपियों ने भोले-भाले युवाओं को हिंसक आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित और कट्टरपंथी बनाया, और विस्फोटक बनाने और हथियार प्रशिक्षण लेने की योजना बनाई और तैयारी की। इस साजिश के तहत, आरोपियों ने हिंसक आतंकवादी गतिविधियों की तैयारी के हिस्से के रूप में आपस में गुप्त रूप से संवाद करने के लिए एक सुरक्षित संचार एप्लिकेशन विकसित और परीक्षण भी किया।
एनआईए के बयान में आगे कहा गया है कि शेष आरोपियों और अन्य संदिग्धों के खिलाफ मामले की आगे की जांच जारी है।
--आईएएनएस
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