लखनऊ, 4 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की विधानसभा में मानसून सत्र के दौरान सपा विधायकों की ओर से हंगामा किए जाने पर स्पीकर सतीश महाना ने कहा कि सदन के भीतर सभी सदस्यों को अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है। सरकार पूछे गए सवालों का जवाब देगी। लेकिन, सदन की कार्यवाही को बाधित करना ठीक नहीं है।
लखनऊ में आईएएनएस से बातचीत में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि मेरा मन था कि विपक्ष ने जो नोटिस दिए हैं, उस पर चर्चा हो। मैंने हमेशा इस बात के लिए कहा है कि विधानसभा का फ्लोर चर्चा के लिए है। सहमति और असहमति लोकतंत्र का हिस्सा हैं। विपक्ष अपनी बात कहे, सरकार अपना जवाब देगी। सुबह जो नोटिस विपक्ष के विधायकों की ओर से दिए गए, मैंने सारे स्वीकार कर लिए थे। जो भी सुसंगत नियमों के अंतर्गत थे, उनको स्वीकार कर लिया था।
उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही अगर चल रही है और विपक्ष उसमें बाधा पैदा करता है तो सदन चलाने का क्या मतलब रह जाता है? मैंने कई बार हाथ जोड़कर विपक्षी सदस्यों को समझाने का प्रयास किया, जब वे नहीं माने तो नियम के अनुसार फैसला लेना पड़ा।
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि समाजवादी पार्टी को विकास पसंद नहीं है। उत्तर प्रदेश की तरक्की पसंद नहीं है। उत्तर प्रदेश के युवाओं का भला पसंद नहीं है। इसलिए जब भी सदन में प्रदेश की जनता के हित की बात होती है, उत्तर प्रदेश के विकास की बात होती है, समाजवादी पार्टी तरह-तरह से बाधा पैदा करके उत्तर प्रदेश सरकार के कामों में बाधा डालने का प्रयास करती है। वही प्रयास आज भी समाजवादी पार्टी के लोगों ने विधानसभा में किया। उत्तर प्रदेश की जनता देख रही है। 2027 में लोग समाजवादी पार्टी को जवाब देने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से समाजवादी पार्टी की कारगुजारियां हैं, आने वाला वक्त समाजवादी पार्टी के लिए बहुत खराब आने वाला है। सपा का बहुत ही घातक और बहुत ही असंसदीय एवं अमर्यादित व्यवहार है। चंदा चोरी की बात कौन कर रहा है, जिसने कभी एक पैसा चंदे का न दिया हो, जिसने राम भक्तों पर गोलियां चलवाई हों, जिन्होंने बाबरी मस्जिद की हिमायत की हो, आज वह चंदा चोरी की बात करके क्या प्रमाणित करना चाहते हैं?
उन्होंने कहा कि सपा के सांसदों की संसद और विधायकों की विधानसभा में सारी करतूत जनता देख रही है। समाजवादी पार्टी की छटपटाहट, हताशा, सत्ता के लिए इतनी बढ़ गई है कि वो सारी मर्यादाओं को भूल कर कहीं न कहीं लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि यह अमर्यादित है और यह अशोभनीय था। यह विपक्ष का दोहरा चरित्र है। इनकी नीति और नियत जनता के लिए नहीं है। यह जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं, तो जनता की आवाज बनें।
मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता सड़कों पर तो गुंडई करते हैं, सदन में भी जिस तरीके से इनका व्यवहार है, यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। सदन को चलने न देना, सदन की कार्यवाही को बाधित करना, यह एक अपराध है। समाजवादी पार्टी को कभी भी प्रदेश के विकास से कोई मतलब नहीं है। सदन की कार्यवाही को बाधित करके प्रदेश के विकास में रोड़ा बनाना, यह सपा का मूल चरित्र है।
भाजपा विधायक रमेश चंद्र मिश्रा ने कहा कि समाजवादी पार्टी इसी तरीके की हरकत करती रहती है। इसके पहले भी इन्होंने सनातन का अपमान संसद परिसर में किया है। आज फिर इन्होंने आपत्तिजनक एक पोस्टर लहराकर जिस तरीके से विधानसभा की गरिमा को चूर-चूर किया है, मैं समझता हूं कि यह बहुत गलत है।
--आईएएनएस
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