हैदराबाद, 8 सितंबर (आईएएनएस)। हैदराबाद पुलिस ने विधानसभा के प्रवेश द्वार पर हुई घटनाओं के सिलसिले में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव, तेलंगाना विधानसभा में बीआरएस के उप-नेता टी. हरीश राव और पार्टी के कई अन्य विधायकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
बीआरएस विधायकों पर पुलिस के काम में बाधा डालने और उनके साथ मारपीट करने का आरोप है।
जांच निरीक्षक एम. बालास्वामी द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के मुतािबक, राजनीतिक नारों वाली काली टी-शर्ट पहने इन नेताओं ने स्पीकर के आदेशों के तहत लगाई गई सुरक्षा पाबंदियों के बावजूद जबरन अंदर घुसने की कोशिश की। आरोप है कि उन्होंने महिला कांस्टेबलों से बदसलूकी की, कर्मचारियों को धमकाया, पुलिसकर्मियों के कॉलर पकड़े और क्यूआरटी कर्मियों को धक्का दिया।
एफआईआर में नामजद नेताओं में पूर्व मंत्री जगदीश रेड्डी, गंगुला कमलाकर, सबिता इंद्रा रेड्डी और सुनीता लक्ष्मा रेड्डी; विधायक पाडी कौशिक रेड्डी, शम्बीपुर राजू, संजय, विजयडु, सुधीर रेड्डी और कोवा लक्ष्मी शामिल थे।
यह मामला सैफबाद पुलिस स्टेशन में बीएनएस की धारा 121(1), 132, 74, 79, 351, 352, 353 और 3(5) के तहत दर्ज किया गया है।
ये धाराएं ड्यूटी पर तैनात लोक सेवक को चोट पहुंचाने, किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे या जानकारी के साथ उस पर हमला करने या आपराधिक बल का प्रयोग करने; महिला की गरिमा का अपमान करने के इरादे से इशारा करने; आपराधिक धमकी; जानबूझकर अपमान करने और सार्वजनिक अशांति पैदा करने वाले झूठे बयान देने जैसे अपराधों से संबंधित हैं।
मंगलवार को पुलिस ने विधानसभा स्पीकर गड्डम प्रसाद कुमार के खिलाफ अपमानजनक और अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में बीआरएस के दो एमएलसी को गिरफ्तार किया।
एमएलसी टाटा मधुसूदन उर्फ मधु और एन. नवीन कुमार रेड्डी को मंगलवार सुबह उनके घर से गिरफ्तार किया गया।
विधानसभा स्पीकर के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) पोलेपल्ली वेंकटेशम की शिकायत पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने कहा कि अनुसूचित जाति (मडिगा) समुदाय से ताल्लुक रखने वाले स्पीकर का पत्रकारों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्रू, विधानसभा कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों के सामने जान-बूझकर अपमान किया गया और उन्हें नीचा दिखाया गया।
यह भी आरोप लगाया गया कि ये टिप्पणियां उनके सामाजिक बैकग्राउंड की पूरी जानकारी के साथ की गई थीं और इनका मकसद उनके व्यक्तिगत और संवैधानिक ओहदे को कम करना था। सैफबाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया।
इस बीच, फीस रिइम्बर्समेंट के मुद्दे पर विरोध जताने के लिए विधानसभा का घेराव करने की कोशिश करने वाले भाजपा के 291 नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए हैं। आम आदमी पार्टी (आप) के चार सदस्यों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
विधानसभा के पास विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए भाजपा के राज्य अध्यक्ष एन. रामचंदर राव को ले जा रही पुलिस गाड़ी की विंडशील्ड (सामने का शीशा) को नुकसान पहुंचाने के संबंध में भी एक मामला दर्ज किया गया है।
कुछ प्रदर्शनकारी रामचंदर राव को ले जा रही पुलिस गाड़ी पर चढ़ गए थे, जिससे गाड़ी को नुकसान पहुंचा।
--आईएएनएस
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