वाराणसी: आरक्षण के मुद्दे पर अनिल राजभर का सपा पर निशाना, बोले- पिछड़े और दलित समाज को नहीं कर पाएंगे गुमराह

अनिल राजभर ने कहा- सपा ने किया पिछड़े समाज का नुकसान, अब आरक्षण की बात कर रही है
वाराणसी:

वाराणसी, 20 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने आरक्षण के मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा की सरकारों के दौरान पिछड़े समुदायों के आरक्षण के अधिकारों की अनदेखी की गई और कुछ विशेष वर्गों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया।

अनिल राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी आज आरक्षण की बात कर रही है, जबकि प्रदेश में चार बार सरकार में रहने के दौरान उसने राजभर, चौहान-नोनिया, निषाद-केवट-मल्लाह, मौर्य, गोंड-खरवार, विश्वकर्मा और प्रजापति समेत विभिन्न समुदायों के आरक्षण के हितों को नुकसान पहुंचाया।

उन्होंने कहा, "आरक्षण की चोरी करने वाले आज आरक्षण की बात करें, इससे बड़ा कोई दूसरा आश्चर्य नहीं हो सकता।"

राजभर ने सपा नेतृत्व पर पिछड़े और दलित वर्गों को भ्रमित करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इन समुदायों के लोग समाजवादी पार्टी की 'मानसिकता' को अच्छी तरह समझ चुके हैं और अब उन्हें गुमराह नहीं किया जा सकता।

मंत्री अनिल राजभर ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों को लेकर भी पूर्ववर्ती सपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि 2012 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में अंबेडकर की मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं हुईं और ऐसी घटनाओं में शामिल लोगों को तत्कालीन सरकार का संरक्षण प्राप्त था।

राजभर ने आगे आशंका जताई कि सामाजिक वैमनस्य पैदा करने और दलित समाज को भ्रमित करने के उद्देश्य से दोबारा अंबेडकर की मूर्तियों और उनसे जुड़े पार्कों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने प्रदेश के लोगों से इसको लेकर सजग रहने की अपील की।

अनिल राजभर ने प्रमोशन में आरक्षण के मुद्दे पर भी समाजवादी पार्टी को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि दलितों को प्रमोशन में आरक्षण देने का विषय सामने आने पर इसका विरोध किसने किया था। इसके साथ ही उन्होंने दलित महापुरुषों के नाम पर बनाए गए जिलों के नाम बदलने का मुद्दा भी उठाया।

राजभर ने कहा कि पिछड़ा और दलित समाज सपा की नीति और सोच को पहचान चुका है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए समाजवादी पार्टी आरक्षण जैसे मुद्दों को उठा रही है।

--आईएएनएस

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