मुंबई, 22 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शनिवार को वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस के रुख पर तीखा हमला बोला। मुंबई पहुंचने पर उन्होंने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने मुस्लिम वोट बैंक के सामने झुककर वंदे मातरम को लेकर अपना रुख तय किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर कांग्रेस की असलियत को जनता के सामने रखेंगे।
गिरिराज सिंह ने कहा कि वंदे मातरम का विरोध भारत की आत्मा, स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की लेखनी का अपमान है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंदे मातरम को जोड़ने का काम किया है। साथ ही, उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह मीडिया में बने रहने के लिए वंदे मातरम के मुद्दे से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश करते हैं।
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस के पुराने रुख का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के कारण 1937 में जवाहरलाल नेहरू ने मोहम्मद अली जिन्ना के सामने झुककर वंदे मातरम को लेकर समझौता किया था। आज सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी मुस्लिम वोट बैंक के सामने झुककर ऐसा ही कदम उठा रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर संविधान की भावना की अवहेलना करने और देश को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी के पुणे में छात्रों के साथ संवाद और कांग्रेस की जेन-जी आउटरीच को लेकर भी गिरिराज सिंह ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जबरदस्ती जेन-जी का नाम इसमें घसीट रही है। गिरिराज सिंह ने दावा किया कि युवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर भी गए थे और इसे लेकर कांग्रेस को सवाल उठाने का अधिकार नहीं है। कांग्रेस जेन-जी को कोई बड़ा राजनीतिक मुद्दा नहीं बना पाएगी।
राहुल गांधी के पुणे कार्यक्रम पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार भाजपा से सवाल करती है, लेकिन राहुल गांधी के बयानों पर भी चर्चा होनी चाहिए। राहुल गांधी प्रयागराज और अन्य स्थानों पर छात्रों से मिलने की बात करते हैं, लेकिन उनके बयानों में देश की उपलब्धियों की चर्चा कम और भ्रम फैलाने के आरोप अधिक दिखाई देते हैं। राहुल गांधी की राजनीति देश को बांटने और लोगों को सरकार के खिलाफ भड़काने पर केंद्रित है, और ऐसी सोच देशहित में नहीं है।
गिरिराज सिंह ने अपने नवी मुंबई दौरे के दौरान टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रम की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र और महाराष्ट्र सरकार टेक्सटाइल क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं को आगे बढ़ा रही हैं। फाउंडेशन और कम्युनिटी सर्विस सेंटरों के माध्यम से लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार को स्थानीय स्तर पर बनने वाले उत्पादों की खरीद को प्राथमिकता देनी चाहिए। बैठकों में इस्तेमाल होने वाली फाइलें भी स्थानीय स्तर पर तैयार हो रही हैं और इन्हें सरकारी विभागों के साथ आम लोगों को भी प्राथमिकता के आधार पर खरीदना चाहिए। मशीनें लगने के बाद रिसाइक्लिंग के क्षेत्र में नई क्रांति आने की उम्मीद है।
--आईएएनएस
पीएसके/डीकेपी







