विकसित भारत के लिए गांवों का विकास जरूरी: मुख्यमंत्री माणिक साहा

विकसित भारत के लिए गांवों का विकास जरूरी: मुख्यमंत्री माणिक साहा

अगरतला, 17 जुलाई (आईएएनएस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शुक्रवार को कहा कि लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना ही विकास का सच्चा मापदंड है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज के सभी वर्गों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की लगभग 80 प्रतिशत पंचायतें विभिन्न प्रदर्शन मापदंडों में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी रही हैं, जो जमीनी स्तर पर शासन में त्रिपुरा की बढ़ती प्रमुखता को दर्शाती हैं।

मुख्यमंत्री ने एडी नगर स्थित ग्राम स्वराज भवन में राज्य स्तरीय पंचायत पुरस्कार 2026-27 कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए ये बातें कहीं।

साहा ने कहा कि त्रिपुरा ने पंचायत क्षेत्र में अपने उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त की है और उन्होंने पंचायती राज विभाग को इसके निरंतर प्रयासों का श्रेय दिया।

उन्होंने कहा कि हमें पंचायत क्षेत्र में हमारी उपलब्धियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। पंचायत विभाग सही दिशा में काम कर रहा है और लोगों को पंचायती राज संस्थाओं पर अपार विश्वास और भरोसा है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पंचायतों को मजबूत करना राज्य और देश दोनों के विकास के लिए आवश्यक है।

साहा ने कहा कि त्रिपुरा का लगभग 75 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र ग्रामीण है और राज्य की लगभग 75 प्रतिशत आबादी गांवों और पंचायत क्षेत्रों में रहती है। इसलिए, उनका विकास अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंचायतों को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की आवश्यकता पर लगातार जोर दिया है। जैसा कि प्रधानमंत्री ने बार-बार कहा है, गांवों के विकास के बिना 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता।

गांवों को विकास की नींव बताते हुए उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने ग्रामीण क्षेत्रों की उपेक्षा करते हुए शहरी विकास पर अधिक ध्यान केंद्रित किया था।

उन्होंने कहा कि विकास का असली इंजन गांवों में ही निहित है। ग्रामीण विकास केवल सरकार और जनता के सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। आज पंचायत प्रशासन में उत्कृष्टता को मान्यता देने के लिए विभिन्न श्रेणियों में 51 पुरस्कार प्रदान किए जा रहे हैं।

--आईएएनएस

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