देहरादून, 9 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तराखंड के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी से अत्यंत भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई जिलों के लिए रेड अलर्ट और अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो से तीन दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा और कई इलाकों में कम समय में अत्यधिक वर्षा होने की संभावना है।
उत्तराखंड मौसम विभाग के निदेशक सीएस तोमर ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में कई स्थानों पर अत्यंत भारी और भारी वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक प्रभाव उधम सिंह नगर जिले में देखने को मिला, जहां अत्यंत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा पौड़ी और हरिद्वार समेत पांच-छह मौसम केंद्रों पर भी बहुत भारी वर्षा दर्ज की गई, जबकि राज्य के 25 से 26 स्टेशनों पर भारी बारिश रिकॉर्ड हुई है। पिछले 24 घंटों में हुई व्यापक वर्षा यह संकेत देती है कि राज्य में सक्रिय मौसम प्रणाली अभी कमजोर नहीं हुई है। इसी कारण मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों तक बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जारी किया है।
तोमर ने बताया कि अगले 48 घंटों में पूरे उत्तराखंड में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके बाद कुमाऊं क्षेत्र में वर्षा का सिलसिला और अधिक समय तक जारी रह सकता है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में भी अगले पांच से छह दिनों तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि अगले 24 घंटों के लिए हरिद्वार, उधम सिंह नगर, नैनीताल, चंपावत, पौड़ी, टिहरी और देहरादून जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा, जलभराव, भूस्खलन और नदी-नालों के उफान पर आने का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा, राज्य के अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां भी भारी बारिश और मौसम खराब रहने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि 10 जुलाई को भी कुमाऊं के मैदानी क्षेत्रों और उधम सिंह नगर, नैनीताल तथा चंपावत जिलों में रेड अलर्ट प्रभावी रहेगा। वहीं बागेश्वर, पौड़ी और देहरादून समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी रहेगा। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि 10 जुलाई से 13 जुलाई तक राज्य के शेष जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। हालांकि, येलो अलर्ट के बावजूद कई स्थानों पर भारी बारिश और कम समय में अत्यधिक वर्षा होने की संभावना बनी रहेगी। ऐसे हालात अचानक बाढ़, भूस्खलन, सड़क अवरोध और निचले इलाकों में जलभराव जैसी परिस्थितियां पैदा कर सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन एजेंसियों और आम नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही सफर करने, नदी-नालों से दूर रहने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।