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अमेरिकी राजदूत का बयान भारतीय कूटनीति की बड़ी सफलता : विदेशी मामलों के जानकार

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नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के जम्मू-कश्मीर दौरे और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात को लेकर विदेश नीति विशेषज्ञों और स्थानीय नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। राजदूत गोर के 'जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है' वाले बयान को कई लोगों ने भारत की कूटनीति की बड़ी सफलता बताया है।

दिल्ली में विदेश मामलों के जानकार वाएल अव्वाद ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला खुद बहुत समझदार व्यक्ति हैं और उन्हें पता है कि जम्मू-कश्मीर में क्या हो रहा है।"

अव्वाद ने अमेरिका की विदेश नीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "बेशक, यही वह मुख्य मुद्दा है, जिस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस युद्ध के पीछे के असली मकसद को उजागर किया है। युद्ध की शुरुआत में, वे ईरान के परमाणु मुद्दे की बात कर रहे थे और कह रहे थे कि ईरान के पास कोई परमाणु कार्यक्रम या सैन्य कार्यक्रम नहीं होना चाहिए। असल में, इसी वजह से युद्ध शुरू हुआ। इजरायली प्रधानमंत्री के कहने पर, उन्होंने ईरान के खिलाफ यह पूर्ण युद्ध छेड़ा और ज्यादातर लीडर्स की हत्या कर दी, इस उम्मीद में कि सरकार गिर जाएगी और फिर मौजूदा सरकार को हटाकर एक अमेरिका-समर्थक सरकार बनाई जा सकेगी।"

जम्मू में इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के विक्रमादित्य सिंह ने अमेरिकी राजदूत के बयान का स्वागत किया। उन्होंने कहा, "हमारे लिए यह बहुत जरूरी है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय तक यह संदेश पहुंचे कि जम्मू-कश्मीर में शांति है और यह पर्यटकों के लिए एक अच्छी जगह है। इसके लिए, सिर्फ यहां आकर ऐसा कह देना काफी नहीं है। अलग-अलग देशों की सरकारों ने हमारे खिलाफ जो ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है, उन्हें हटाना होगा और इसके लिए लगातार कोशिश की जरूरत है। हालांकि, मैं अमेरिकी राजदूत के बयान की बहुत तारीफ करता हूं। यह हमारे लिए भरोसा बढ़ाने वाला एक बड़ा कदम है।"

रक्षा विशेषज्ञ कैप्टन (रिटायर्ड) अनिल गौर ने कहा, "राजदूत का बयान जमीनी सच्चाई को दर्शाता है। कश्मीर के दौरे पर आए अमेरिकी राजदूत के बयान के बारे में मेरा मानना ​​है कि यह सच्चाई को दर्शाता है। अब पूरी दुनिया जानती है कि इस मामले में पाकिस्तान की ओर से बार-बार झूठ फैलाया जा रहा है। आज, पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में जो अशांति है, जहां लोग आवाज उठा रहे हैं कि वे पाकिस्तान के साथ नहीं रहना चाहते और भारत में शामिल होना चाहते हैं, सर्जियो गोर ने इस सच्चाई की पुष्टि की है।"

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने कहा, "इसमें कोई शक या सवाल नहीं है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। आज अगर अमेरिकी राजदूत ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, तो यह अच्छी बात है। किसी न किसी तरह यह भारत की कूटनीति की बड़ी सफलता है, क्योंकि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर को लेकर विदेशों में भ्रम फैलाने की बहुत कोशिशें कर रहा था।"

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम