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उपचुनाव के नतीजों की समीक्षा होगी, राहुल गांधी विदेश का एजेंडा चलाते हैं: नरेश बंसल

उपचुनाव के नतीजों की समीक्षा होगी, राहुल गांधी विदेश का एजेंडा चलाते हैं: नरेश बंसल

नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा सांसद नरेश बंसल ने उपचुनाव के नतीजों, बृजभूषण शरण सिंह मामले समेत कई अन्य समसामयिक मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा हर चुनाव परिणाम की गंभीरता से समीक्षा करती है और जहां जीत मिलती है, वहां भी और जहां हार होती है, वहां भी उसके कारणों का विश्लेषण किया जाता है।

उपचुनाव परिणामों पर सांसद नरेश बंसल ने कहा कि उपचुनावों में आमतौर पर जनता का उत्साह सामान्य चुनावों की तुलना में कम होता है, क्योंकि एक-एक सीट से सरकार बनने या गिरने की स्थिति नहीं होती। हालांकि, लोकतंत्र में जीत और हार दोनों का महत्व होता है। उन्होंने कहा कि तीन जगह पर उपचुनाव हुए हैं। गुजरात के मांजलपुर में भाजपा ने शानदार जीत दर्ज की है, जबकि बिहार के बांकीपुर और मध्य प्रदेश के दतिया में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। भाजपा निश्चित रूप से इन हार के कारणों की समीक्षा करेगी और यह देखेगी कि किन वजहों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिले।

पूर्व भारतीय मुक्केबाज विजेंद्र सिंह द्वारा राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाए जाने के संदर्भ में नरेश बंसल ने कांग्रेस सांसद पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब राहुल गांधी पार्ट टाइम नेता प्रतिपक्ष (एलओपी) हैं। वह ज्यादातर विदेश में रहते हैं और विदेश के एजेंडे पर काम करते हैं। विदेशों में भारत की छवि खराब करने का प्रयास करते हैं। लेकिन, जब भारत का सम्मान दुनिया में बढ़ता है या भारतीय खिलाड़ी देश का नाम रोशन करते हैं, तब उस पर प्रतिक्रिया देने का उनके पास समय नहीं होता।

बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन द्वारा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के समर्थन और मदरसों को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा सांसद ने कहा कि तसलीमा नसरीन ने अपने जीवन में लंबा संघर्ष किया है और उनके विचार उनके व्यक्तिगत अनुभवों पर आधारित हैं। तसलीमा नसरीन ने 19 वर्षों तक संघर्ष किया। तुष्टीकरण की राजनीति के कारण पिछली सरकारों ने उन्हें देश में रहने का अवसर नहीं दिया। वह भारतीय संस्कृति का समर्थन करती हैं और अपने साहित्य के माध्यम से इस्लाम की जिन बुराइयों को वह महसूस करती हैं, उन्हें समाज के सामने रखती रही हैं।

राऊज एवेन्यू कोर्ट द्वारा पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों से बरी किए जाने पर नरेश बंसल ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की दोषसिद्धि या निर्दोषता का अंतिम निर्णय न्यायालय ही करता है। उन्होंने कहा कि आरोप लगना अलग बात है, लेकिन किसी को दोषी या निर्दोष घोषित करने का अधिकार न्यायालय का है। न्यायालय जिस व्यक्ति को दोषी ठहराता है, वही दोषी होता है और जिसे न्यायालय बरी कर देता है, उसका सम्मान भी लौटना चाहिए।

जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शनों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के विचारकों द्वारा उन्हें राष्ट्र-विरोधी गतिविधि बताए जाने के सवाल पर भाजपा सांसद ने कहा कि प्रदर्शन की शुरुआत शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन के रूप में हुई थी, लेकिन बाद में हिंसा होने से यह स्पष्ट हो गया कि समाज-विरोधी तत्व उसमें शामिल हो गए थे। कई विचारकों का मानना है कि प्रदर्शन में राष्ट्र-विरोधी ताकतों की भूमिका थी। जिस प्रकार वहां हिंसा हुई, उससे साफ है कि समाज-विरोधी तत्व उसमें घुस गए थे। जब तक यह केवल छात्रों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन था, तब तक स्थिति अलग थी, लेकिन हिंसा होने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि अन्य तत्व भी इसमें शामिल हो गए।

--आईएएनएस

पीएसके