धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देर से आया, छात्रों के आगे सरकार को झुकना पड़ा : तेज प्रताप यादव

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देर से आया, छात्रों के आगे सरकार को झुकना पड़ा : तेज प्रताप यादव

पटना, 25 जुलाई (आईएएनएस)। जनशक्ति जनता दल (राजद) के नेता तेज प्रताप यादव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह फैसला काफी देर से लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि पहले ही इस्तीफा दे दिया जाता तो देश में जिस तरह का माहौल बना, वह नहीं बनता। साथ ही, छात्रों के मुद्दों पर उन्होंने सरकार की कार्यशैली, बिहार की कानून-व्यवस्था, सम्राट सरकार के 100 दिनों के कामकाज समेत कई अन्य मुद्दों पर अपनी राय रखी।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर तेज प्रताप यादव ने कहा कि सरकार को छात्रों के मुद्दों पर स्वयं आगे आकर उनसे बातचीत करनी चाहिए थी। जब उनकी पार्टी सत्ता में रही और लालू प्रसाद यादव मुख्यमंत्री थे, तब भी छात्र-युवाओं की समस्याओं को सुनने के लिए उन्हें बुलाकर बातचीत की जाती थी। अभी भी छात्रों की समस्याओं का पूरी तरह समाधान नहीं हुआ है और बिहार सहित कई राज्यों में शिक्षा से जुड़े अनेक मुद्दे बाकी हैं, जिन्हें उठाया जाना है। छात्र हित के सामने किसी भी सरकार को झुकना ही पड़ता है। चाहे सरकार कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि उनके मुद्दों की अनदेखी नहीं की जा सकती। तेज प्रताप ने कहा कि आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि यह आगे भी जारी रहेगा।

सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके को बिहार आने के निमंत्रण पर तेज प्रताप यादव ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें आमंत्रित किया है। अभिजीत दीपके का बिहार में स्वागत है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने बिहार को नर्क बनाने का काम किया है और उनके इस्तीफे की भी मांग होनी चाहिए।

सम्राट सरकार के 100 दिन पूरे होने के सवाल पर तेज प्रताप यादव ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये 100 दिन विकास के नहीं, बल्कि अपराध और कथित फर्जी एनकाउंटर के रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार में अपराध चरम पर है, लोग डर के कारण सड़क पर निकलने से घबराते हैं, महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और स्वास्थ्य तथा शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। इन्हीं हालात को देखने के लिए उन्होंने अभिजीत दीपके को बिहार आने का न्योता दिया है।

यह पूछे जाने पर कि क्या शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से वह संतुष्ट हैं, तेज प्रताप यादव ने कहा कि उनकी प्राथमिकता हमेशा युवाओं और छात्रों के हितों की रही है। सरकार को छात्रों के हितों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेना चाहिए और उन पर सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि युवा और छात्र ही बिहार और देश का भविष्य हैं।

दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर पाकिस्तान से सोशल मीडिया हैंडल संचालित होने के आरोपों पर पूछे गए सवाल पर तेज प्रताप यादव ने कहा कि सरकार जो आरोप लगा रही है, वह उसी का विषय है। इसमें कोई सच्चाई नजर नहीं आती और यह सरकार जाने कि वह क्या कर रही है।

'वंदे मातरम' बिल के मुद्दे पर तेज प्रताप यादव ने कहा कि वह 'वंदे मातरम' को सर्वोपरि और पवित्र मानते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि जिस प्रकार राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए नियम बनाए जाते हैं, उसी तरह एक नियम यह भी होना चाहिए कि ध्वजारोहण के समय सभी लोग, विशेषकर जनप्रतिनिधि, अपने चप्पल या जूते उतारकर राष्ट्रीय ध्वज को सम्मान दें। उन्होंने कहा कि चमड़े की चप्पल पहनकर ध्वज फहराने के बजाय उसे उचित सम्मान देने की परंपरा विकसित की जानी चाहिए।

--आईएएनएस

पीएसके