logo

धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर भाजपा नेता के. करुणासागर ने जताई चिंता, जागरूकता की अपील

धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर भाजपा नेता के. करुणासागर ने जताई चिंता, जागरूकता की अपील

हैदराबाद, 19 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के नेता और तेलंगाना हाईकोर्ट के वकील के. करुणासागर ने धर्म परिवर्तन के मुद्दे को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने दावा किया कि हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराने के लिए विभिन्न तरीकों से संगठित प्रयास किए जा रहे हैं। करुणासागर ने कहा कि समाज को इस विषय पर जागरूक करने की आवश्यकता है और लोगों को सतर्क रहना चाहिए।

एक विशेष बातचीत में करुणासागर ने दावा किया कि कथित तौर पर 'मिशन गजवा-ए-हिंद' के नाम से चल रहे अभियान के तहत अलग-अलग माध्यमों से धर्म परिवर्तन की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने अपने दावों में 'लव जिहाद', 'जिम जिहाद' और 'एजुकेशन जिहाद' जैसे शब्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मामलों पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। हालांकि इन दावों के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।

उन्होंने कहा कि 'घर वापसी' जैसे अभियान का उद्देश्य उन लोगों को अपने मूल धर्म से जोड़ना है, जो उससे दूर हो गए हैं। उनका कहना था कि समाज को पहले संभावित खतरों के प्रति जागरूक करना जरूरी है।

करुणासागर ने हाल ही में सामने आए एक स्कूल विवाद का भी उल्लेख किया, जिसमें एक शिक्षक पर छात्रों को निर्धारित पाठ्यक्रम से अलग धार्मिक आयतें पढ़ाने का आरोप लगा था। उन्होंने आरोप लगाया कि शैक्षणिक संस्थानों का उपयोग बच्चों को प्रभावित करने के लिए नहीं होना चाहिए। उनका कहना था कि स्कूलों का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा देना है, न कि किसी विशेष धार्मिक परंपरा को बढ़ावा देना।

भाजपा नेता ने इस मामले में पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि विरोध प्रदर्शन और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के हस्तक्षेप के बाद ही प्राथमिकी दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि इस मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) और एनएचआरसी से भी शिकायत की गई है तथा पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग की गई है।

करुणासागर ने आगे दावा किया कि धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों का स्वरूप समय के साथ बदल गया है और अब सामाजिक और पेशेवर संस्थानों के माध्यम से भी ऐसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कुछ मामलों का हवाला देते हुए कहा कि इनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उन्होंने लोगों से कानून के दायरे में रहते हुए जागरूक रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी संबंधित एजेंसियों को देने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार के धर्म परिवर्तन या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष और कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच होनी चाहिए।

--आईएएनएस

एससीएच/वीसी