नई दिल्ली, 9 सितंबर (आईएएनएस)। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में हैं। पश्चिम बंगाल में दूर्गा पूजा को लेकर दिए बयान पर सीपीआई (एम) नेता पी. संतोष कुमार ने निशाना साधते हुए कहा कि धर्म के नाम पर समाज को तोड़ने का काम करते हैं।
सीपीआई (एम) नेता पी. संतोष का यह बयान उस वक्त आया है, जब पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि दूर्गा पूजा के दौरान मांसाखारी खाना नहीं खाया जाना चाहिए।
नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में पी. संतोष ने कहा कि देश में इस तरह के बहुत सारे बाबा हैं। उन्हें कोई दूसरा काम नहीं है। बंगाल में बाबा के जन्म से पहले भी दुर्गा पूजा मनाई जाती रही है। क्या तब कोई कंट्रोवर्सी थी? जिनके पास कोई काम नहीं है, वे सिर्फ धर्म के नाम पर समाज को तोड़ने का काम करते हैं। फेस्टिवल को फेस्टिवल के तौर पर मनाया जाना चाहिए। हम बाबा के इस बयान की कड़ी निंदा करते हैं।
दिल्ली में मणिपुर के एक संगीत शिक्षक की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान को लेकर भी पी. संतोष ने पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और वे पीड़ित परिवार के साथ हैं। उनके प्रति हमारी संवेदनाएं हैं। देश के अंदर आज मणिपुर के एक संगीत शिक्षक की हत्या कर दी गई। मुसलमानों और दलितों को पसंद नहीं किया जाता, उन पर हमले होते रहते हैं। किरेण रिजिजू जो कह रहे हैं हम भी कहते हैं कि यह राजनीति की बात नहीं है, लेकिन इससे बड़ी राजनीति क्या हो सकती है। देश में असहिष्णुता नहीं होनी चाहिए। असम में क्या हो रहा है, यह भी देखना चाहिए। हम मृतक के परिवार के साथ हैं।
केरल में टीवी डिबेट के दौरान धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में एक पत्रकार के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने पर सीपीआई (एम) नेता ने केरल पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि केरल में जो हुआ, वह बहुत बड़ी बात है। हम पत्रकार के साथ हैं। यह एक टीवी डिबेट था। केरल पुलिस ने गलत काम किया है। हम पत्रकार के साथ खड़े हैं।
--आईएएनएस
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