पटना, 4 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार स्टेट प्लानिंग बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्यक्ष देवेश कुमार ने शुक्रवार को अपना पदभार संभाला। इस मौके पर योजना एवं विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, भाजपा नेता, परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में समर्थक व शुभचिंतक मौजूद थे।
देवेश कुमार अपनी पत्नी वीरा शर्मा के साथ सूचना भवन की पांचवीं मंजिल पर स्थित वाइस-चेयरमैन के ऑफिस पहुंचे।
योजना और विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एन. विजयलक्ष्मी ने गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया। इस मौके पर अतिरिक्त सचिव श्याम बिहारी मीणा, निदेशक सुभाष दास राम और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद थे।
कार्यक्रम में शामिल होने वालों में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक, भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. निखिल आनंद, डॉ. आलोक अभिजीत, उदय चंद्र, संजीव क्षत्रिय, रंजन कुमार गौतम और कुणाल कुमार शामिल थे।
पदभार संभालने के बाद देवेश कुमार ने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक परिचय बैठक की। बाद में उन्होंने अतिरिक्त मुख्य सचिव एन. विजयलक्ष्मी और अतिरिक्त सचिव श्याम बिहारी मीणा के साथ योजना बोर्ड के पिछले कामों, मौजूदा कामकाज और भविष्य की रूपरेखा पर लगभग एक घंटे तक चर्चा की।
मीडिया से बात करते हुए देवेश कुमार ने कहा कि बिहार में योजना बनाने, उसे लागू करने और लंबे समय के विकास के विजन के क्षेत्रों में काम करने की बहुत गुंजाइश है, जिससे योजना बोर्ड का महत्व और बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा, "बिहार में योजना बनाने, उसे लागू करने और भविष्य के विजन को लेकर काम करने की बहुत गुंजाइश है। इस संदर्भ में, योजना बोर्ड का बहुत महत्व है। योजना बोर्ड खुद को बिहार राज्य के लिए एक प्रमुख थिंक टैंक के तौर पर स्थापित कर सकता है, ठीक वैसे ही जैसे राष्ट्रीय स्तर पर नीति आयोग है।"
उन्होंने आगे कहा कि उनका मुख्य मकसद बिहार के विकास और बेहतर भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थान के तौर पर योजना बोर्ड की प्रासंगिकता और उपयोगिता को स्थापित करना होगा।
देवेश कुमार को 2021 में राज्यपाल कोटे से बिहार विधान परिषद के लिए नामित किया गया था।
बाद में उन्होंने पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के विधानमंडल में प्रवेश का रास्ता बनाने के लिए परिषद से इस्तीफा दे दिया।
मंत्री के तौर पर नियुक्ति के समय, दीपक प्रकाश राज्य विधानमंडल के किसी भी सदन के सदस्य नहीं थे।
नतीजतन, मंत्री पद पर बने रहने के लिए उन्हें किसी एक सदन की सदस्यता हासिल करने की जरूरत थी।
देवेश कुमार के इस्तीफे के बाद, दीपक प्रकाश को खाली सीट पर राज्यपाल कोटे से विधान परिषद के लिए नामित किया गया। देवेश कुमार स्वतंत्रता सेनानी यमुना कार्यी के पोते हैं। सक्रिय राजनीति में आने से पहले, उन्होंने कई संगठनों के साथ पत्रकार के तौर पर काम किया।
भाजपा में शामिल होने के बाद, उन्होंने पार्टी के भीतर संगठन से जुड़ी कई जिम्मेदारियां संभालीं। वे अभी मिजोरम के लिए भाजपा के राज्य प्रभारी के तौर पर काम कर रहे हैं।
--आईएएनएस
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