नई दिल्ली, 8 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा, सरदार पटेल विद्यालय और कई सरकारी संस्थानों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) लागू किया और प्रभावित जगहों पर बड़े पैमाने पर जांच शुरू कर दी।
मंगलवार सुबह के समय धमकी मिलने के बाद, स्टैंडर्ड सिक्योरिटी प्रोटोकॉल के तहत दिल्ली पुलिस, बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड, डॉग यूनिट और दिल्ली फायर सर्विस की टीमें उन जगहों पर पहुंचीं और संबंधित इलाकों की घेराबंदी कर दी।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा टीमों द्वारा तलाशी ली गई किसी भी जगह पर अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। परिसरों की अच्छी तरह से जांच की जा रही है और अधिकारी एहतियाती इंतजामों के तहत स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। ईमेल और धमकी के स्रोत की आगे की जांच चल रही है।
यह ताजा धमकी दिल्ली विधानसभा को लेकर पहले से मौजूद सुरक्षा चिंताओं के बीच आई है, जिसे पहले भी इसी तरह की बम की धमकियां मिल चुकी हैं।
इससे पहले, 14 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट समेत दिल्ली की कई जगहों पर बम की धमकियां मिली थीं, जिसके कारण स्वतंत्रता दिवस से पहले राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा इंतजाम बढ़ा दिए गए थे।
दिल्ली हाईकोर्ट को यह धमकी ईमेल के जरिए मिली थी, जिसमें 15 अगस्त को दोपहर 2:11 बजे कोर्ट में कथित धमाके की चेतावनी दी गई थी। उसी ईमेल में 15 अगस्त को दोपहर 3:11 बजे दिल्ली की जिला अदालतों में भी धमाकों की धमकी दी गई थी।
दिल्ली हाईकोर्ट के अलावा, पांच अन्य जगहों पर फोन कॉल के जरिए बम की धमकियां मिली थीं। इनमें जामनगर हाउस, झंडेवालान बिल्डिंग, एमबी रोड साकेत ऑफिस, इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट का टर्मिनल 3 और दिल्ली कैंटोनमेंट में सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) ऑफिस शामिल थे।
दिल्ली के अलावा इससे पहले महाराष्ट्र के नागपुर में भी धमकी भरा मेल मिल चुका है। 18 अगस्त को नागपुर में एक दर्जन से ज्यादा स्कूलों को बम विस्फोट की धमकी मिली थी। हालांकि, जब तलाशी ली गई तो स्कूलों से कोई संदिग्ध या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ।
--आईएएनएस
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