नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने सदन में कैग रिपोर्ट के संबंध में अपना वक्तव्य दिया।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि माननीय सदस्यों, कैग रिपोर्ट संख्या-1 में मुख्य रूप से वर्ष 2022-23 के दौरान दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों से संबंधित कैग की टिप्पणियां, लेखा-परीक्षा निष्कर्ष और निष्कर्षात्मक टिप्पणियां शामिल हैं।
इसमें स्टाम्प ड्यूटी एवं पंजीकरण शुल्क में राजस्व की हानि, दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) द्वारा किया गया अनावश्यक व्यय, विद्युत क्षेत्र में सब्सिडी नीति, जीटीबी अस्पताल से संबंधित भुगतान, दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम में पाई गई अनियमितताएं, ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली में कमियां, लोक निर्माण विभाग से संबंधित विषय, एलएनजेपी अस्पताल के नए ब्लॉक का निर्माण, दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) तथा दिल्ली जल बोर्ड से संबंधित मामले शामिल हैं।
राज्य वित्त लेखा-परीक्षा रिपोर्ट, वर्ष 2026 की रिपोर्ट संख्या-2 पर भी सदन में चर्चा की गई है। अब यह रिपोर्ट संबंधित विभागों को भेजी जा रही है, ताकि एक्शन टेकन रिपोर्ट यथाशीघ्र प्राप्त की जा सकें। इसे संबंधित विभागों को एक्शन टेकन रिपोर्ट के लिए अग्रेषित किया जा रहा है और साथ ही इन टिप्पणियों पर लोक लेखा समिति द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि पिछले दिनों विजेंद्र गुप्ता की अध्यक्षता में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मानसून सत्र के दौरान भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की दो रिपोर्टें तथा दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) से संबंधित एक अधिसूचना सदन के पटल पर रखी जाएगी।
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा था कि मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री रेखा गुप्ता सदन के पटल पर 'वर्ष 31 मार्च 2023 को समाप्त अवधि के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार से संबंधित भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट संख्या-01, वर्ष 2026' तथा 'वर्ष 2024-25 के राज्य वित्त पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार से संबंधित भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट संख्या-02, वर्ष 2026' प्रस्तुत करेंगी।
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