नई दिल्ली, 6 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्या निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई। हादसे के बाद इलाके में बड़ी संख्या में लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने हादसे पर गहरा दुख जताया है।
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सत्यनिकेतन में दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास निजी इमारत गिरने की खबर से वह बेहद दुखी हैं। शिक्षा मंत्री ने बताया कि उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से फोन पर बात की है। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे स्वयं स्थिति पर नजर रख रही हैं और सभी जरूरी राहत एवं बचाव उपाय तेजी से किए जा रहे हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मलबे में फंसे लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। जानकारी के मुताबिक, इस इमारत में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए पेइंग गेस्ट आवास संचालित किया जा रहा था। हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा, एनडीआरएफ और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंच गए। दमकल की कई गाड़ियां और बचाव दल लगातार मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं।
क्षतिग्रस्त ढांचे के कारण राहत एवं बचाव अभियान में काफी सावधानी बरती जा रही है। राहत एवं बचाव में जुटी एजेंसियों के अनुसार, बचाव दल अब तक कई लोगों को मलबे से बाहर निकाल चुका है। कुछ घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। शाम तक सामने आई जानकारी के अनुसार, हादसे में दो कुछ की मौत हुई थी, जबकि पांच लोग गंभीर हालत में बताए गए। हालांकि, अलग-अलग समय पर जारी रिपोर्टों में मृतकों और बचाए गए लोगों की संख्या में बदलाव हुआ है और बचाव अभियान अभी जारी है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इमारत में बड़ी संख्या में छात्र रहते थे। यहां फंसे कई लोगों के जीवित होने की उम्मीद बनी हुई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इमारत के बेसमेंट में मरम्मत या निर्माण संबंधी काम चल रहा था। इसी दौरान इमारत ढह गई। हालांकि, इमारत गिरने की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच की जा रही है।
सत्यनिकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के नजदीक स्थित इलाका है, जहां बड़ी संख्या में छात्र पीजी और छात्रावासों में रहते हैं। हादसे के बाद आसपास रहने वाले छात्रों और स्थानीय लोगों में भी चिंता और दहशत का माहौल है। घटना के बाद प्रशासन की विभिन्न एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं।
मलबे को मशीनों की मदद से हटाया जा रहा है, लेकिन बचाव दल इस बात का विशेष ध्यान रख रहे हैं कि मलबा हटाने के दौरान अंदर फंसे लोगों को कोई नुकसान न पहुंचे। फिलहाल, सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। हादसे की पूरी तस्वीर और इमारत गिरने की वजह बचाव अभियान पूरा होने तथा जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
--आईएएनएस
जीसीबी/डीकेपी







