नई दिल्ली, 10 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को निप्पॉन डेनरो इस्पात लिमिटेड कोल ब्लॉक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दाखिल क्लोजर रिपोर्ट को मंजूरी दे दी। कांग्रेस के पूर्व सांसद संदीप दीक्षित और सांसद मणिक्कम टैगोर ने विरोध याचिकाओं के जरिए इस क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती दी थी।
राऊज एवेन्यू कोर्ट ने एक सितंबर को कांग्रेस नेताओं संदीप दीक्षित और मणिक्कम टैगोर की ओर से दायर विरोध याचिकाओं पर आदेश सुरक्षित रख लिया था। गुरुवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार किया। साथ ही, सीबीआई की क्लोजर के खिलाफ दायर विरोध याचिका को खारिज कर दिया गया।
संदीप दीक्षित ने सीबीआई की ओर से दाखिल क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती देते हुए तर्क दिया था कि जांच में अवैधता के प्रमुख पहलुओं की जांच पर सीबीआई ने ध्यान नहीं दिया है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट में सीबीआई की ओर से एडिशनल लीगल एडवाइजर संजय कुमार पेश हुए। याचिकाकर्ताओं के वकील भी व्यक्तिगत रूप से और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौजूद थे।
बता दें कि सितंबर 2012 में, तत्कालीन सांसद संदीप दीक्षित और छह अन्य सांसदों ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें 1993 और 2005 के बीच किए गए कोयला ब्लॉक आवंटन में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था।
बाद में केंद्रीय सतर्कता आयोग ने मामले को सीबीआई को सौंप दिया, जिसके परिणामस्वरूप प्रारंभिक जांच हुई और बाद में निप्पॉन डेनरो इस्पात लिमिटेड और आरपीजी इंडस्ट्रीज से संबंधित मामलों सहित कई कंपनियों और आवंटनों से जुड़े एफआईआर दर्ज किए गए।
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