दिल्ली ब्लास्ट मामलाः कोर्ट ने पीड़ितों और आतंकी उमर नवी के अवशेषों के अंतिम संस्कार करने की इजाजत दी

दिल्ली ब्लास्ट मामलाः कोर्ट ने पीड़ितों और आतंकी उमर नवी के अवशेषों के अंतिम संस्कार करने की इजाजत दी

नई दिल्ली, 13 जुलाई (आईएएनएस)। पटियाला हाउस स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने दिल्ली के लाल किले के सामने हुए कार विस्फोट में मारे गए लोगों तथा मामले के आरोपी उमर उन नवी के अवशेषों के अंतिम संस्कार की अनुमति दे दी है।

अदालत ने एनआईए को घटनास्थल से बरामद पीड़ितों और आरोपी उमर उन नवी के मानव अवशेषों का अंतिम संस्कार कराने की अनुमति देते हुए निर्देश दिया कि यह प्रक्रिया पूरी मानवीय गरिमा और संबंधित व्यक्तियों की धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप संपन्न कराई जाए।

इसके साथ ही अदालत ने कार्रवाई पूरी होने के बाद अनुपालन रिपोर्ट (कॉम्प्लायंस रिपोर्ट) दाखिल करने का भी निर्देश दिया। एनआईए ने नवंबर 2025 में लाल किले के सामने हुए कार विस्फोट में मारे गए लोगों तथा आरोपी उमर उन नवी के बरामद शव के अवशेषों के अंतिम संस्कार की अनुमति मांगी थी।

एनआईए ने 10 आरोपियों के खिलाफ लगभग 7,500 पन्नों की चार्जशीट पटियाला हाउस कोर्ट में दाखिल की थी। चार्जशीट में मुख्य साजिशकर्ता उमर उन नबी का भी नाम शामिल है, जो धमाके के समय कार में सवार था। इसके अलावा, चार्जशीट में आमिर राशिद अली, जसीर बिलाल वानी, मुजम्मिल, अदील अहमद राथर, मुफ्ती इरफान अहमद, डॉक्टर शाहीन सईद, सोयब, बिलाल और यासिर अहमद डार के नाम शामिल हैं।

चार्जशीट के मुताबिक, सभी आरोपी कथित तौर पर आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद' (एजीयूएच) से जुड़े थे, जिसका संबंध अलकायदा है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 2022 में श्रीनगर में गुप्त बैठक कर संगठन को दोबारा सक्रिय किया और ऑपरेशन हेवनली हिंद नाम से देश में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रची। एनआईए ने दावा किया कि आरोपियों का मकसद लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई भारत सरकार को उखाड़ फेंकना और शरिया कानून लागू करना था।

आरोपियों पर गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं। एजेंसी ने चार्जशीट में दावा किया कि दिल्ली में हुए धमाके में 'ट्राईएसीटोन ट्राईपरऑक्साइड' (टीएटीपी) विस्फोटक इस्तेमाल किया गया था। इसी तरह आरोपियों ने बाजार में आसानी से मिलने वाले रसायनों से टीएटीपी जैसे विस्फोटक तैयार किए। जांच में पता चला कि वे ड्रोन और रॉकेट के जरिए विस्फोटक हमलों की तैयारी कर रहे थे।

--आईएएनएस

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