दौंड में भ्रूण लिंग जांच मामला: सांसद सुप्रिया सुले आक्रामक, सख्त कार्रवाई की मांग

दौंड में भ्रूण लिंग जांच मामला: सांसद सुप्रिया सुले आक्रामक, सख्त कार्रवाई की मांग

पुणे, 7 जून (आईएएनएस)। पुणे जिले के दौंड तालुका में सामने आए भ्रूण लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या के गंभीर मामले पर बारामती लोकसभा क्षेत्र की सांसद सुप्रिया सुले ने कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार से सख्त और निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग उठाई।

दौंड तालुका में पिछले दो वर्षों के दौरान करीब 500 गर्भपात किए जाने की चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। आरोप है कि पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन के जरिए भ्रूण का लिंग पता कर कन्या भ्रूण की हत्या की जा रही थी। इस घटना ने समाज में आक्रोश पैदा कर दिया है और इसे मानवता को शर्मसार करने वाला कृत्य बताया जा रहा है।

इस पूरे प्रकरण का असर क्षेत्र के लिंगानुपात पर भी पड़ा है, जो अब काफी चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। आंकड़ों के अनुसार, यहां प्रति हजार लड़कों पर केवल 824 लड़कियां रह गई हैं। ऐसे में ‘जन-जागरूकता’ जैसी मुहिम की आवश्यकता और अधिक महसूस की जा रही है।

सांसद सुले ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए और भ्रूण लिंग जांच के खिलाफ बड़े पैमाने पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर भी जोर दिया।

पिछले दिनों एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने शराब त्रासदी को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच पुणे पुलिस कमिश्नर पर निशाना साधा था। उन्होंने मांग की थी कि पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार को अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया जाना चाहिए। अवैध शराब पीने से 16 लोगों की मौत हो गई थी।

उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, पुणे महाराष्ट्र में अपराध के मामले में शीर्ष शहर बनकर उभरा है और पूरे देश में पांचवें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि पुणे में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से चरमरा गई है।

--आईएएनएस

एमएस/