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दो अलग-अलग लोन धोखाधड़ी मामले में ईडी 12 जगहों पर चला रही तलाशी अभियान

लोन धोखाधड़ी मामलों में ईडी का तलाशी अभियान
दो

नई दिल्ली, 11 सितंबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पटना जोन ने ईडी पटना जोन ने शुक्रवार को मेसर्स रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड (आरएचआरएल), गया, बिहार द्वारा किए गए बैंक फ्रॉड के मामले में पीएमएलए की धारा 17 के तहत सर्च ऑपरेशन चला रही है। इस कंपनी को मिस्टर अखौरी गोपाल और उनके बेटे निशांत और नितेश कंट्रोल करते हैं। ईडी 9 जगहों पर सर्च कर रही है जिनमें गया में 6, गुरुग्राम में 2 और नई दिल्ली में एक जगह शामिल हैं। वहीं, एक अन्य मामले में ईडी के कोलकाता जोनल ऑफिस 3 जगहों पर तलाशी अभियान चला रही है।

जांच के दौरान यह पता चला कि आरएचआरएल ने सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंकों के ग्रुप से मिले 85 करोड़ रुपये में से 58 करोड़ रुपये का गलत इस्तेमाल किया। यह रकम उनके सीए द्वारा दी गई नकली प्रोजेक्ट पूरा होने की रिपोर्ट के आधार पर ली गई थी। इन लोन के बदले अखौरी गोपाल और उनके परिवार के सदस्यों की पर्सनल गारंटी भी बैंकों को दी गई थी।

ग्रुप की एक संबंधित कंपनी की बकाया रकम के बदले 5 प्रॉपर्टीज टाटा मोटर्स लिमिटेड के पास गिरवी रखी गई थीं। हालांकि, हाल ही में गिरवी होने के बावजूद इन प्रॉपर्टीज को बहुत कम कीमत पर बेच दिया गया और सेल डीड में इसे कैश पेमेंट के तौर पर दिखाया गया।

पता चला है कि कुछ खरीदार कम आय वाले लोग हैं और इतनी बड़ी रकम का इंतजाम करने में सक्षम नहीं हैं। शक है कि वे अखौरी गोपाल के बेनामीदार/प्रॉक्सी हैं। इस बिक्री का मकसद प्रॉपर्टीज को हटाना था ताकि ईडी द्वारा कोई सख्त कार्रवाई न की जा सके। सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, अपराध से हुई कमाई (पीओसी) लगभग 131.79 करोड़ रुपये (एनपीए वैल्यू) है।

वहीं, ईडी के कोलकाता जोनल ऑफिस ने पीएमएलए, 2002 के नियमों के तहत एआरएसएस ग्रुप (ओडिशा) और एएमआर/एएमआरएल ग्रुप से जुड़ी जगहों पर तलाशी अभियान चला रहा है। एआरएसएस ग्रुप से जुड़े लोगों में इसके पुराने प्रमोटर व डायरेक्टर परिवार के सदस्य अनिल अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, सुनील अग्रवाल और सुभाष अग्रवाल शामिल हैं और एएमआर/एएमआरएल ग्रुप प्रमोटर महेश कुमार रेड्डी अल्थुरु से जुड़ा है।

यह तलाशी एसआरईआई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड (एसआईएफएल) और एसआरईआई इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड (एसआईएफएल) से लिए गए कथित धोखाधड़ी वाले व अनियमित लोन और उनके बाद लोन न चुकाने की जांच के सिलसिले में की जा रही है। इसमें फंड की 'एवरग्रीनिंग', फंड को दूसरी जगह लगाने व राउंड-ट्रिपिंग और दूसरी अनियमितताओं का शक भी शामिल है। तलाशी कोलकाता, चेन्नई, बैंगलोर और हैदराबाद में की जा रही है।

--आईएएनएस

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