हैदराबाद, 20 सितंबर (आईएएनएस)। एक दुखद घटना में, रविवार को तेलंगाना के भद्राद्री कोठागुडेम जिले में खड़ी कार के अंदर बंद हो जाने से दम घुटने के कारण चार साल की बच्ची की मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि यह घटना जुलुरुपाडु मंडल के विनोबा नगर गांव में हुई।
बच्ची की पहचान विनोबा नगर के सरपंच गंगावत नवीन की बेटी तन्विश्री के तौर पर हुई है।
घर के पास खेलते समय बच्ची ने खड़ी कार का दरवाजा खोल दिया। किसी को पता नहीं चला और बच्ची के अंदर होने पर गाड़ी का दरवाजा लॉक हो गया।
जब तन्विश्री काफी देर तक घर नहीं लौटी, तो परिवार वालों ने आस-पड़ोस में उसे खोजना शुरू किया। दो घंटे की खोजबीन के बाद, किसी ने कार के अंदर झांका और बच्ची को आगे की दो सीटों के बीच पड़ा हुआ देखा।
उन्होंने खिड़की के शीशे तोड़े और बच्ची को बाहर निकाला। उसे कोठागुडेम के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस को शक है कि बंद कार के अंदर हवा न आने की वजह से दम घुटने से लड़की की मौत हो गई होगी।
इस घटना से गांव वाले हैरान रह गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने माता-पिता को सावधान रहने और यह पक्का करने की सलाह दी है कि बच्चे खड़ी गाड़ियों तक न पहुंच पाएं। उन्होंने लोगों से यह भी कहा कि वे कार को लॉक करने से पहले उसे अच्छी तरह जांच लें, खासकर तब जब आस-पास बच्चे हों।
अप्रैल 2026 में नलगोंडा जिले में भी ऐसी ही एक घटना हुई थी। एक पांच साल की लड़की की मौत खड़ी कार के अंदर लॉक हो जाने के कारण हो गई थी।
पिछले साल अप्रैल में, रंगा रेड्डी जिले के चेवेल्ला के डामारागिड्डा गांव में खड़ी कार के अंदर फंसे दो बच्चों की दम घुटने से मौत हो गई थी।
एक पांच साल की लड़की और चार साल का लड़का घर के बाहर खेलते समय एक रिश्तेदार की गाड़ी में घुस गए थे। बताया जाता है कि दरवाजे लॉक हो गए और बच्चे उन्हें खोल नहीं पाए, जिससे दम घुटने से उनकी मौत हो गई।
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