हैदराबाद, 2 सितंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना की मुख्य विपक्षी पार्टी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने बुधवार को एक ‘चार्जशीट’ जारी की, जिसमें राज्य में कांग्रेस पार्टी के 1,000 दिनों के शासन को अक्षम, भ्रष्ट और अराजक बताया गया।
तेलंगाना भवन में चार्जशीट जारी करते हुए बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने दावा किया कि ये 1,000 दिन जनता के उत्पीड़न के दिन रहे हैं।
उन्होंने कांग्रेस सरकार पर हर मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 100 दिनों के भीतर स्वर्ग जैसा माहौल बनाने का वादा किया था, लेकिन इसके बजाय राज्य को रोजमर्रा की जिंदगी में नर्क जैसी स्थिति में धकेल दिया।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी सहित कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने 100 दिनों के भीतर सभी वादों को पूरा करने की गारंटी दी थी, लेकिन 1,000 दिन बीत जाने के बाद भी एक भी वादा पूरी तरह से लागू नहीं किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 1,000 दिनों में सरकार के कामकाज के कारण किसानों, छात्रों, बेरोजगार युवाओं, महिलाओं, कर्मचारियों और अन्य वर्गों की मुश्किलें बढ़ी हैं।
उन्होंने कहा कि बीआरएस ने कांग्रेस सरकार की बड़ी नाकामियों का ब्यौरा तैयार किया है और वे इन मुद्दों को जनता के सामने ले जाएंगे।
केटीआर ने सभी 119 विधानसभा क्षेत्रों में 7 दिन के जोरदार जन-संपर्क कार्यक्रम की घोषणा की, जिसमें किसानों, महिलाओं, युवाओं और कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के साथ खास सत्र और विरोध प्रदर्शन शामिल होंगे।
उन्होंने जोर देकर कहा कि विपक्ष आने वाले विधानसभा सत्र में अधूरे वादों, आर्थिक कुप्रबंधन और बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार को जोरदार तरीके से घेरेगा।
अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर केटीआर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तेलंगाना की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने 4.5 लाख करोड़ रुपए के कर्ज के इस्तेमाल पर सवाल उठाए और मांग की कि कर्ज के पैसे को कैसे खर्च किया गया, इस पर ज्यादा पारदर्शिता बरती जाए।
केटीआर ने कॉन्ट्रैक्ट, जमीन के लेन-देन और सरकारी प्रोजेक्ट्स में भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चार्जशीट में लगभग 30 कथित घोटालों और विवादों का ब्यौरा है और मांग की कि सरकार इन आरोपों पर पारदर्शिता के साथ जवाब दे।
बीआरएस नेता ने कहा कि जब उनकी पार्टी 2008-29 में सत्ता में लौटेगी, तो पिछले 1,000 दिनों में हड़पे गए जनता के पैसे के हर एक रुपए की अच्छी तरह से जांच की जाएगी और उसे वापस वसूला जाएगा।
खेती-किसानी के मुद्दे पर केटीआर ने आरोप लगाया कि किसानों को कई मोर्चों पर निराश किया गया है, जिनमें रायतू भरोसा, फसल की खरीद, खाद की उपलब्धता, किसान बीमा और कर्ज से जुड़ी मदद शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कल्याणकारी भुगतान और खरीद में देरी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में खेती-किसानी से जुड़ी परेशानियां बढ़ी हैं।
--आईएएनएस
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