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तेलंगाना भाजपा ने दलबदल करने वाले सभी विधायकों से मांगा इस्तीफा

तेलंगाना में दलबदल पर भाजपा का हमला, विधायकों से इस्तीफा की मांग
तेलंगाना

हैदराबाद, 18 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई ने शुक्रवार को बीआरएस छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए विधायक दानम नागेंद्र को अयोग्य ठहराने के हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया। भाजपा ने दलबदल करने वाले सभी विधायकों से इस्तीफा देने और दोबारा चुनाव लड़कर जनता से नया जनादेश लेने की मांग की।

तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने कहा कि विधानसभा में भाजपा के फ्लोर लीडर एलेटी महेश्वर रेड्डी की ओर से दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट का फैसला नैतिक, कानूनी और संवैधानिक आधार पर महत्वपूर्ण जीत है। अदालत ने स्पीकर के पहले के फैसले को रद्द कर दिया है।

रामचंदर राव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सवाल किया, "राहुल गांधी अक्सर संविधान की प्रति अपने साथ रखते हैं। ऐसे में दसवीं अनुसूची और उनके पिता द्वारा लाए गए दल-बदल विरोधी कानून की खुलेआम अनदेखी होने देना कितना उचित है?"

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार भी दलबदल की उसी संस्कृति को बढ़ावा दे रही है, जिसका पिछली बीआरएस सरकार के दौरान इस्तेमाल किया गया था।

उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला कांग्रेस पार्टी के लिए कड़ा झटका है और इससे साफ हो गया है कि कांग्रेस को नैतिक और कानूनी दोनों स्तर पर हार का सामना करना पड़ा है।

रामचंदर राव ने मांग की कि लोकतंत्र और संविधान का सम्मान करते हुए दल बदलने वाले सभी विधायक तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें और दोबारा चुनाव लड़कर जनता से नया जनादेश हासिल करें।

हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए भाजपा नेता महेश्वर रेड्डी ने कहा कि यह फैसला लोकतंत्र की रक्षा के लिए अदालत में भाजपा की लड़ाई की जीत है।

उन्होंने कहा, "दानम नागेंद्र एक पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए और बाद में दूसरी पार्टी में शामिल होने के बाद सांसद का चुनाव भी लड़ा। स्पीकर की ओर से उन्हें बचाने की कोशिश को अदालत ने खारिज कर दिया है। यह फैसला हमारे लोकतंत्र के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाना चाहिए।"

महेश्वर रेड्डी ने आरोप लगाया कि इस तरह के दलबदल को बढ़ावा देकर कांग्रेस लोकतंत्र का मजाक बना रही है। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस को इस मुद्दे की गंभीरता को समझना चाहिए।

उन्होंने कहा, "हमारा मानना है कि न्याय की जीत हुई है। अगर कांग्रेस नेता वास्तव में लोकतंत्र का सम्मान करते हैं तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट जाने के बजाय नागेंद्र और दलबदल करने वाले अन्य सभी विधायकों से तुरंत इस्तीफा दिलाना चाहिए और उन्हें जनता के बीच जाकर दोबारा चुनाव लड़ना चाहिए। हम इस मामले में शनिवार तक कैविएट भी दाखिल करेंगे।"

दानम नागेंद्र उन 10 बीआरएस विधायकों में शामिल थे, जिन्होंने 2024 में कांग्रेस का रुख किया था।

--आईएएनएस

एएमटी/एमएस