चेन्नई, 18 जून (आईएएनएस)। तमिलनाडु में नवगठित टीवीके सरकार के नेतृत्व में विधानसभा का पहला सत्र गुरुवार को शुरू हुआ। इस दौरान राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने 39 मिनट के अपने अभिभाषण में सरकार की प्राथमिकताओं, सुशासन के एजेंडे और राज्य के दीर्घकालिक विकास के विजन को सामने रखा।
अपने संबोधन के अंत में तिरुक्कुरल की एक पंक्ति का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए 'वेट्री तमिझगम' नामक दीर्घकालिक विकास योजना तैयार की है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2031 तक तमिलनाडु को देश के लिए एक आदर्श राज्य के रूप में विकसित करना है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनभोगियों को मिलने वाले कल्याणकारी लाभ बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगे। साथ ही खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी सरकार विशेष ध्यान देगी।
राज्यपाल ने कहा कि पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती (एचआर एंड सीई) विभाग के अधीन आने वाले सभी मंदिरों का ऑडिट कराया जाएगा और उनके संचालन में जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
अंतरराज्यीय जल विवादों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कर्नाटक की प्रस्तावित मेकेदातु बांध परियोजना का तमिलनाडु लगातार विरोध करेगा और कावेरी जल पर निर्भर किसानों के हितों की रक्षा के लिए सभी कानूनी विकल्प अपनाए जाएंगे। भूजल संरक्षण के लिए चेक डैम और वर्षा जल संचयन परियोजनाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
मुल्लापेरियार बांध विवाद पर राज्यपाल ने कहा कि केरल की नए बांध की मांग के बावजूद तमिलनाडु अपने अधिकारों की रक्षा करता रहेगा।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए प्रत्येक जिले में एंटी-नारकोटिक्स इकाइयों का गठन किया गया है। अवैध शराब की बिक्री पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर कठोर रुख अपनाते हुए दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
राज्यपाल ने दो-भाषा नीति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और केंद्र सरकार से समेकित शिक्षा कार्यक्रमों के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता देने की मांग की। उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन को भी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
राजनीतिक दृष्टि से टीवीके सरकार के गठन को ऐतिहासिक बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 1967 में सी.एन. अन्नादुरै और 1977 में एम.जी. रामचंद्रन के सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व में टीवीके सरकार का गठन तमिलनाडु की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने गठन के महज दो वर्षों के भीतर सरकार बनाई और हालिया विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
पिछले वर्षों में राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर हुए विवादों से अलग इस बार आर्लेकर ने अपने संबोधन में समाज सुधारक पेरियार ई.वी. रामासामी, डॉ. बी.आर. आंबेडकर, के. कामराज, वेलु नाचियार और अंजलाई अम्माल को सरकार की नीतियों के प्रेरणास्रोत के रूप में उल्लेखित किया।
अपने अभिभाषण की शुरुआत अभिवादन और सी.एन. अन्नादुरै के संदर्भ के साथ करते हुए राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि विधानसभा में जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर रचनात्मक और सार्थक बहस होगी।
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