Tarun Chugh : असम की संस्कृति और राष्ट्रीय अखंडता कांग्रेस की प्राथमिकता में कभी नहीं थी: तरुण चुघ

कांग्रेस पर विभाजन की साजिश का आरोप, तरुण चुघ का बड़ा बयान
असम की संस्कृति और राष्ट्रीय अखंडता कांग्रेस की प्राथमिकता में कभी नहीं थी: तरुण चुघ

नई दिल्ली: भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत विभाजन की कड़वी सच्चाई को फिर से उजागर किया है, जिसे कांग्रेस दशकों से दबाती रही है।

नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में तरुण चुघ ने आरोप लगाया कि आजादी से पहले असम को पूर्वी पाकिस्तान में शामिल करने की साजिश मुस्लिम लीग और कांग्रेस की संयुक्त योजना का हिस्सा थी।

उन्होंने कहा कि मुस्लिम लीग ब्रिटिश शक्तियों के साथ खड़ी थी और कांग्रेस भी इसमें शामिल थी। असम की पहचान, संस्कृति, पूर्वोत्तर की सभ्यता तथा राष्ट्रीय अखंडता कभी कांग्रेस की प्राथमिकता नहीं रही। कांग्रेस के लिए केवल सत्ता के समीकरण ही सर्वोपरि रहे।

उन्होंने प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी ही पार्टी के खिलाफ साहस दिखाया और विरोध किया, जिसके कारण असम की बहादुर जनता के समर्थन से असम भारत का अभिन्न अंग बना रहा। चुघ ने दावा किया कि कांग्रेस मुस्लिम लीग तथा ब्रिटिश शक्तियों के साथ मिलकर असम को पूर्वोत्तर से अलग करने पर तुली हुई थी।

महाराष्ट्र निकाय चुनाव पर तरुण चुघ ने कहा कि हाल के निकाय चुनावों में राष्ट्रवादी शक्तियों की स्पष्ट विजय हुई है। देश को गाली देने वाले, हिंदुओं तथा सनातन धर्म को गाली देने वाले लोगों को जनता ने वोट की चोट से सजा दी है।

'जी राम जी' बिल पर सोनिया गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए चुघ ने कहा कि वे बेवजह हंगामा कर रही हैं। मोदी सरकार लगातार काम कर रही है। इस बिल से ग्रामीण रोजगार गारंटी में 125 दिनों का रोजगार मिल रहा है। ग्रामीण मजदूरी में सीधे 25 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है। बजट को ढाई गुना बढ़ा दिया गया है। पहली बार बुवाई-कटाई के बीच 60 दिनों का अंतर दिया गया है ताकि किसानों और मजदूरों को नुकसान न हो। मजदूरों का भुगतान सीधे बैंक खाते में जाएगा। इसका स्वागत करना चाहिए, क्योंकि इससे मजदूरों और किसानों को सीधा लाभ हो रहा है।

दीपम विवाद पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने तमिलनाडु की डीएमके सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार दीप स्तंभ पर पवित्र कार्तिगई दीपक जलाने से रोकती रही, लेकिन दूसरी तरफ दरगाह में झंडा फहराने की अनुमति देती है। यह इंडी गठबंधन का विरोधी चेहरा और हिंदुओं के प्रति दोहरा मापदंड है। हिंदुओं के अधिकारों को दबाना ही उनका असली एजेंडा है।

--आईएएनएस

 

 

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