त्रिपुरा के सभी स्कूलों में 'वंदे मातरम्' से होगी दिन की शुरुआत, इसके बाद गाया जाएगा राष्ट्रगान

त्रिपुरा के सभी स्कूलों में 'वंदे मातरम्' से होगी दिन की शुरुआत, इसके बाद गाया जाएगा राष्ट्रगान

अगरतला, 7 जुलाई (आईएएनएस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने मंगलवार को घोषणा की कि राज्य के सभी स्कूलों में अब प्रतिदिन कक्षाओं की शुरुआत राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के पूर्ण गायन से होगी, जिसके बाद 'जन गण मन' राष्ट्रगान गाया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों में देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करना है।

प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग का प्रभार भी संभाल रहे मुख्यमंत्री माणिक साहा ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और राष्ट्रीय पहचान की भावना को सुदृढ़ करने के लिए यह निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना, भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान विकसित करना और नई पीढ़ी में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करना है। सरकार चाहती है कि छात्र अधिक जागरूक, जिम्मेदार और देशभक्त नागरिक बनें।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा (स्कूल) विभाग की अधिसूचना भी साझा की, जिसमें इस निर्णय को लागू करने का विस्तृत विवरण दिया गया है।

अधिसूचना के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के सम्मान, गरिमा और आधिकारिक प्रस्तुति को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों के तहत सभी औपचारिक, अर्ध-औपचारिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के गायन के दौरान निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होगा, ताकि राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान बना रहे।

इन्हीं दिशा-निर्देशों के अनुरूप त्रिपुरा शिक्षा (स्कूल) विभाग ने राज्य के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त मदरसों में भी इस व्यवस्था को लागू करने का फैसला किया है।

अधिसूचना में कहा गया है कि सभी स्कूलों की दैनिक शैक्षणिक गतिविधियां अब राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के सामूहिक पूर्ण गायन से शुरू होंगी और इसके तुरंत बाद राष्ट्रगान 'जन गण मन' गाया जाएगा।

इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि राष्ट्रगीत के गायन या वादन के दौरान सभी छात्र, शिक्षक, कर्मचारी और प्रशासनिक अधिकारी सम्मान प्रकट करने के लिए सावधान की मुद्रा में खड़े रहेंगे।

राज्य सरकार का मानना है कि इस पहल से राष्ट्रीय एकता मजबूत होगी, छात्रों में नागरिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी और संविधान तथा राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति उनका सम्मान और अधिक गहरा होगा।

--आईएएनएस

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