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अन्नामलाई ने जलीकट्टू और मंदिर प्रशासन को लेकर तमिलनाडु सरकार पर साधा निशाना

तमिलनाडु सरकार पर साधा निशाना: जलीकट्टू और मंदिर प्रशासन को लेकर विफल रहने का आरोप
अन्नामलाई

मदुरै, 20 सितंबर (आईएएनएस)। वी द लीडर्स के अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने रविवार को तमिलनाडु में व्यापक राजनीतिक बदलाव की जरूरत बताते हुए राज्य सरकार पर परंपराओं, धार्मिक संस्थानों और औद्योगिक हितों की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया।

मदुरै के तेप्पाकुलम के पास एक निजी हॉल में आयोजित वैगई शिल्पी अवॉर्ड समारोह को संबोधित करते हुए अन्नामलाई ने कहा कि 5 जून को संगठन की शुरुआत के बाद महज 15 दिनों में 20 लाख सदस्य जोड़े गए। उन्होंने दावा किया कि तमिलनाडु के 5.6 करोड़ मतदाताओं में से 1.5 करोड़ से अधिक लोग किसी भी राजनीतिक दल के प्राथमिक सदस्य नहीं हैं।

उन्होंने कहा, "तमिलनाडु की राजनीति में आई गिरावट को खत्म करना होगा और उसका समय अब करीब है। हमें अपने पर्यावरण, भाषा और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करनी चाहिए।"

अन्नामलाई ने विधानसभा में चोलावंदन के विधायक करुप्पैया की उस टिप्पणी की आलोचना की, जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि जलीकट्टू युवाओं को गलत दिशा में ले जा रहा है। उन्होंने कहा कि विधायक की पार्टी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में जलीकट्टू को अंतरराष्ट्रीय खेल के रूप में विकसित करने का वादा किया था।

उन्होंने कहा, "जब सत्तारूढ़ दल के विधायक ने ऐसी टिप्पणी की, तो मुख्यमंत्री को तुरंत हस्तक्षेप कर उन्हें बैठने के लिए कहना चाहिए था।" अन्नामलाई ने जलीकट्टू को तमिल संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बताते हुए इसके संरक्षण और प्रचार की बात कही।

अन्नामलाई ने कहा कि यदि उनकी पार्टी तमिलनाडु में सत्ता में आती है तो हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती (एचआर एंड सीई) विभाग के कामकाज की समीक्षा की जाएगी।

उन्होंने मदुरै के मीनाक्षी अम्मन मंदिर में हुए कुंभाभिषेक समारोह का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने प्रवेश पासों की बिक्री इस तरह की, मानो सिनेमा टिकटों की कालाबाजारी हो रही हो।

उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और अन्य विधायकों की धार्मिक पहचान विधानसभा में राजनीतिक बहस का विषय नहीं बननी चाहिए और सभी धर्मों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए।

अन्नामलाई ने सामाजिक सुधारक पेरियार का उल्लेख करते हुए कहा कि वह पेरियार की नास्तिक विचारधारा और ब्राह्मण विरोधी सोच से सहमत नहीं हैं, लेकिन महिलाओं की मुक्ति और जातिगत भेदभाव खत्म करने के उनके अभियानों का समर्थन करते हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा की भी आलोचना करते हुए कहा कि सरकार को तमिलनाडु में निवेश करने वाली कंपनियों को आकर्षित करने और राज्य में वास्तविक औद्योगिक संभावनाओं को बढ़ावा देने पर ध्यान देना चाहिए।

--आईएएनएस

डीएससी