चेन्नई, 20 सितंबर (आईएएनएस)। डीएमडीके की महासचिव और वृद्धाचलम से विधायक प्रेमलता विजयकांत ने रविवार को हिंसक अपराधों, किसानों के कल्याण, डेंगू, बिजली कटौती और धान की खरीद समेत कई मुद्दों पर टीवीके सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की।
राज्य की कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए प्रेमलता ने शिवगंगा में हुए दोहरे हत्याकांड और मदुरै तथा कृष्णागिरि में हुई हत्याओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की तेजी से जांच और कड़ी कार्रवाई जरूरी है, ताकि लोगों में सुरक्षा की भावना बहाल हो सके।
प्रेमलता ने पुलिस से इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने और कानूनी प्रक्रिया के तहत कड़ी सजा दिलाने की मांग की। उन्होंने सरकार से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पहले से जरूरी कदम उठाने को भी कहा।
उन्होंने डेंगू और मच्छरों से फैलने वाली दूसरी बीमारियों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों को मच्छरों पर नियंत्रण के अभियान तेज करने चाहिए। साथ ही सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त बेड, दवाइयां और जांच की सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए।
प्रेमलता ने अन्ना यूनिवर्सिटी के छात्रों में डेंगू संक्रमण की खबरों पर भी चिंता जताई और कैंपस में तुरंत बचाव के उपाय करने की मांग की।
समयपुरम में किसानों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कृषि ऋण पूरी तरह माफ करने की मांग की। उन्होंने उन खबरों का हवाला दिया, जिनके अनुसार तिरुचि जिले में 50,779 किसानों के 247.15 करोड़ रुपए के फसल ऋण माफ किए गए हैं। प्रेमलता ने तमिलनाडु के सभी पात्र किसानों को इसी तरह राहत देने की मांग की।
डीएमडीके नेता ने पट्टिनपक्कम के मछुआरों की समस्याओं का समाधान करने और विनायक चतुर्थी के जुलूसों के दौरान पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की। उन्होंने राज्य सरकार से कहा कि वह कावेरी नदी के पानी में तमिलनाडु का उचित हिस्सा हासिल करने के लिए कर्नाटक पर दबाव बनाए।
बिजली की स्थिति पर प्रेमलता ने कहा कि तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों में बिना सूचना बिजली कटौती की शिकायतों का सरकार को तुरंत समाधान करना चाहिए।
उन्होंने तिरुनेलवेली और वृद्धाचलम में बारिश से भीगे धान की खरीद में तेजी लाने की भी मांग की, ताकि किसानों को बेवजह आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।
प्रेमलता ने कहा कि सरकार को इन सभी मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए इनके समाधान के लिए तय समय-सीमा के साथ कदमों की घोषणा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह कितनी जल्दी लोगों की सुरक्षा करती है, किसानों की मदद करती है और जरूरी सेवाओं की बिना रुकावट आपूर्ति सुनिश्चित करती है।
--आईएएनएस
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