चेन्नई, 15 सितंबर (आईएएनएस)। तटीय इलाके में नया सचिवालय कॉम्प्लेक्स बनाने के विजय की अगुवाई वाली टीवीके सरकार के प्रस्ताव के विरोध में नौ तटीय गांवों के मछुआरे मंगलवार को पट्टिनापक्कम में एक बैठक करेंगे।
यह बैठक मुल्लिकुप्पम-श्रीनिवासपुरम और मुल्लिनागर मछली पकड़ने वाले गांवों की पंचायत परिषदों की देखरेख में मुल्लिकुप्पम सोशल वेलफेयर सेंटर के सामने होगी। उम्मीद है कि एन्नोर में नेट्टुकुप्पम से लेकर चेन्नई जिले में नैनारकुप्पम तक फैले मछली पकड़ने वाले गांवों के प्रतिनिधि और स्थानीय निवासी इसमें शामिल होंगे।
मछुआरा संघ के सूत्रों ने बताया कि बैठक में प्रस्तावित प्रोजेक्ट से जुड़े सरकारी आदेश को वापस लेने की मांग करते हुए विरोध नोटिस जारी करने की योजनाओं पर चर्चा की जाएगी। मछुआरों का आरोप है कि इस आदेश से पट्टिनापक्कम और उसके आसपास मछली पकड़ने वाली नौ बस्तियों की आजीविका और पारंपरिक अधिकारों को खतरा है। अगर सरकार प्रस्तावित जगह पर पुनर्विचार करने से इनकार करती है, तो बैठक में आंदोलन के अगले चरण पर फैसला होने की उम्मीद है।
सरकार ने प्रशासनिक परिसर के लिए जमीन की पहचान करने और उसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश जारी किया है। दक्षिण चेन्नई में संथोम रोड के किनारे पट्टिनापक्कम को पसंदीदा जगह के तौर पर देखा जा रहा है और खबर है कि इस प्रोजेक्ट के लिए 24 से 25 एकड़ जमीन पर विचार किया जा रहा है।
समुदाय के प्रतिनिधियों को डर है कि एक बड़े सरकारी परिसर से मछली पकड़ने से जुड़ी गतिविधियों के लिए जगह कम हो जाएगी, नावों और जालों को लाने-ले जाने के रास्तों पर असर पड़ेगा, और तटीय इलाकों की पारंपरिक बस्तियों के विस्थापन में तेजी आएगी। वे संथोम रोड पर ट्रैफिक जाम, नागरिक बुनियादी ढांचे पर दबाव और समुद्र तट पर संभावित पर्यावरणीय असर (जिसमें कछुओं के अंडे देने वाले संवेदनशील इलाके भी शामिल हैं) को लेकर भी चिंता जता सकते हैं।
विजय सरकार का तर्क है कि विभागों को एक साथ लाने, तालमेल बेहतर करने और मौजूदा फोर्ट सेंट जॉर्ज परिसर में जगह और बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करने के लिए एक आधुनिक सचिवालय की जरूरत है।
हालांकि, इस प्रस्ताव की जरूरत, जगह और वित्तीय असर को लेकर आलोचना हुई है। इस प्रोजेक्ट के लिए लगभग 1,200 करोड़ रुपये लेना पड़ सकता है। सरकार की ओर से अभी तक इसका अंतिम डिजाइन, लागत या निर्माण का समय नहीं बताया है।
टीवीके ने प्रशासनिक सुधार और बेहतर गवर्नेंस का वादा करते हुए जोरदार चुनाव प्रचार के बाद 108 सीटें जीतीं और डीएमके सरकार को सत्ता से हटाया। मछुआरों का कहना है कि समुद्र तट को प्रभावित करने वाले बड़े विकास प्रोजेक्ट पारंपरिक मछुआरा समुदायों के साथ सार्थक बातचीत के बिना लागू नहीं किए जा सकते।
--आईएएनएस
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