तमिलनाडु : सेंथिल बालाजी ने फरार होने से किया इनकार, कानूनी सुरक्षा मांगी

तमिलनाडु : सेंथिल बालाजी ने फरार होने से किया इनकार, कानूनी सुरक्षा मांगी

चेन्नई, 15 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी और उनके भाई अशोक कुमार ने चेन्नई के ट्रिप्लिकेन थाने को पत्र लिखकर कहा है कि वे न तो फरार हैं और न ही कानून से बचने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि उन्हें पूछताछ के लिए किस कानूनी आधार पर बुलाया गया है।

यह पत्र पिछली डीएमके सरकार को अस्थिर करने की कथित साजिश से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में लिखा गया है।

इससे पहले मद्रास हाई कोर्ट ने दोनों भाइयों को अग्रिम जमानत दे दी थी। हालांकि, अदालत ने शर्त रखी थी कि उन्हें ट्रिप्लिकेन थाने में उपस्थित होकर जांच में सहयोग करना होगा। लेकिन, दोनों भाई पुलिस के सामने पेश नहीं हुए।

अपने पक्ष में सेंथिल बालाजी और अशोक कुमार ने कहा कि प्राथमिकी में उनके नाम आरोपी के रूप में दर्ज नहीं हैं। उनका कहना है कि केवल इस आधार पर उन्हें पूछताछ के लिए उपस्थित होने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच एजेंसी उनसे पूछताछ करना चाहती है, तो उसे पहले भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35 की उपधारा 3 के तहत विधिवत नोटिस जारी करना होगा।

अपने पत्र में सेंथिल बालाजी ने कहा कि वे न तो कहीं छिपे हुए हैं और न ही कानून से बचने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे कानून के अनुसार जांच में पूरा सहयोग करने के लिए उपलब्ध हैं।

उन्होंने कहा कि वह एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं और कई व्यावसायिक संस्थानों का संचालन भी करते हैं। ऐसे में यह कहना सही नहीं होगा कि उन्होंने कानूनी कार्रवाई से बचने की कोई कोशिश की है।

दोनों भाइयों ने जांच अधिकारियों के सामने पेश होने से पहले कुछ सुरक्षा उपायों की भी मांग की है। उन्होंने अनुरोध किया है कि इस मामले में पूछताछ के लिए उनकी मौजूदगी का इस्तेमाल किसी अन्य मामले में उन्हें गिरफ्तार करने के आधार के रूप में न किया जाए।

उन्होंने यह भी मांग की कि जांच के दौरान यदि जरूरत पड़े, तो उन्हें उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने अपने पत्र में उन शर्तों का भी स्पष्ट उल्लेख किया है, जिनके तहत वे जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि जांच के दौरान कानून के तहत मिलने वाले सभी प्रक्रियागत अधिकारों और सुरक्षा उपायों का पालन किया जाना चाहिए।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, ट्रिप्लिकेन थाना पुलिस पत्र की सामग्री की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई को लेकर विचार कर रही है।

जांच अधिकारी दोनों भाइयों की ओर से उठाए गए मुद्दों पर कानूनी राय ले सकते हैं। इनमें प्राथमिकी में उनके नाम आरोपी के रूप में शामिल न होने और पूछताछ से पहले विधिवत कानूनी नोटिस जारी करने की उनकी मांग शामिल है।

--आईएएनएस

एसएचके/एएस