चेन्नई, 7 सितंबर (आईएएनएस)। चुनाव आयोग ने मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा क्षेत्रों में 6 अक्टूबर को उपचुनाव कराने की घोषणा की है। इससे तमिलनाडु की तीन महीने पुरानी 'तमिलगा वेट्री कझगम' (टीवीके) सरकार के लिए चुनावी परीक्षा का मंच तैयार हो गया है।
ये दो सीटें राज्य विधानसभा की उन सात खाली सीटों में शामिल हैं जिन पर चुनाव होने हैं।
तिरुचि ईस्ट, अंबासमुद्रम, विरलीमलई, पेरुंदुरई और करूर के लिए चुनाव की घोषणा नहीं की गई है क्योंकि इन सीटों पर चुने गए उम्मीदवारों से जुड़े चुनाव संबंधी मामले अभी भी लंबित हैं।
इन पांच विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव कराने पर लगी रोक को 8 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है।
इस अधिसूचना के साथ ही मदुरांतकम और धारापुरम में आदर्श आचार संहिता तुरंत लागू हो गई है।
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 9 सितंबर से शुरू होगी और 16 सितंबर को समाप्त होगी।
नामांकन पत्रों की जांच 17 सितंबर को होगी, जबकि उम्मीदवार 19 सितंबर तक अपना नामांकन वापस ले सकेंगे।
वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को होगी।
एआईएडीएमके के विधायक मरागाथम कुमारवेल और सत्यभामा के अपनी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देकर टीवीके में शामिल होने के बाद मदुरंतकम और धारापुरम की सीटें खाली हो गईं।
उम्मीद है कि दोनों पूर्व विधायकों को उनके संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों से टीवीके टिकट के लिए विचार किया जाएगा, हालांकि पार्टी ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की औपचारिक घोषणा नहीं की है।
इन चुनावों का राजनीतिक महत्व बढ़ गया है क्योंकि सत्ताधारी टीवीके पर यह साबित करने का दबाव है कि सत्ता में आने के बाद भी उसकी चुनावी अपील बरकरार है।
दोनों सीटों पर जीत टीवीके के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की स्थिति को मजबूत करेगी, खासकर ऐसे समय में जब गठबंधन के कुछ सहयोगियों के साथ मतभेद सामने आने लगे हैं।
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ने बढ़ती कीमतों के खिलाफ पहले ही विरोध प्रदर्शन आयोजित किए हैं, जबकि सीबीआई-एम ने कुछ मुद्दों पर राज्य सरकार से असहमति जताई है।
विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) भी राज्य प्रशासन पर नीतिगत फैसलों में अपनी मांगों को अधिक महत्व देने के लिए दबाव बना रही है।
इस बीच, कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर गठबंधन की ओर से राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं माना गया, तो वह सरकार में अपनी भागीदारी पर फिर से विचार कर सकती है।
डीएमके, एआईएडीएमके, और भारतीय जनता पार्टी समेत विपक्षी दल, विधानसभा की दो सीटों पर टीवीके को हराने के लिए चुनाव प्रचार की रणनीतियां बना रहे हैं।
--आईएएनएस
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