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तमिल विद्वान प्रो. सोलोमन पप्पैया के निधन पर शोक की लहर, सीएम और राज्यपाल ने दुख जताया

प्रो. सोलोमन पप्पैया के निधन पर शोक: तमिल साहित्य जगत की अपूरणीय क्षति
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चेन्नई, 11 सितंबर (आईएएनएस)। तमिल साहित्य जगत के दिग्गज विद्वान, मशहूर वक्ता और 'पट्टिमंड्रम' के लोकप्रिय चेहरे प्रोफेसर सोलोमन पप्पैया के निधन से पूरे तमिलनाडु में शोक की लहर है। उनके निधन की खबर आते ही साहित्य, राजनीति और फिल्म जगत की कई बड़ी हस्तियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर शोक संदेश साझा किया गया। सीएमओ ने लिखा, "तमिल विद्वान प्रोफेसर सोलोमन पप्पैया के निधन की खबर सुनकर मुझे गहरा दुख और पीड़ा हुई है। उन्होंने मंचों के माध्यम से दुनिया को तमिल भाषा की महानता और तमिल लोगों की जीवनशैली से परिचित कराया। हास्य-विनोद से भरे अपने भाषणों, तमिल भाषा पर अपनी गहरी पकड़ और सामाजिक विचारों को सरल ढंग से लोगों तक पहुंचाने की अपनी क्षमता के कारण उन्होंने मंचों को केवल मनोरंजन के कार्यक्रमों से बदलकर सोचने पर मजबूर करने वाले मंचों में बदल दिया। उनका जाना तमिल भाषी दुनिया के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती।"

तमिलनाडु राजभवन के आधिकारिक 'एक्स' हैंडल से राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने भी शोक जताया। उन्होंने लिखा, "प्रसिद्ध तमिल वक्ता, विद्वान और 'पट्टिमंड्रम' के लोकप्रिय कलाकार थिरु सोलोमन पप्पैया के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। अपनी वाक्पटुता, हाजिरजवाबी और तमिल भाषा व साहित्य के गहरे ज्ञान के माध्यम से उन्होंने सार्वजनिक चर्चा को समृद्ध किया और तमिल भाषा की सुंदरता व समृद्धि को कई पीढ़ियों तक पहुंचाया। तमिल सांस्कृतिक जीवन में उनके अद्वितीय योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उनका निधन तमिल साहित्यिक और सांस्कृतिक जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।"

भाजपा के वरिष्ठ नेता के. अन्नामलाई ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि जाने-माने तमिल विद्वान और समाज के लिए फायदेमंद विचारों को मंचों के जरिए दुनिया तक पहुंचाने वाले प्रोफेसर सोलोमन पप्पैया का जाना बेहद दुखद है। उन्होंने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

सुपरस्टार रजनीकांत ने भी 'एक्स' पर भावुक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, "मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि महान तमिल विद्वान प्रोफेसर सोलोमन पप्पैया की आत्मा को शांति मिले, जिन्होंने साहित्यिक मंच को पढ़े-लिखे लोगों के दायरे से निकालकर आम लोगों तक पहुंचाया।"

बता दें कि प्रोफेसर सोलोमन पप्पैया तमिलनाडु में 'पट्टिमंड्रम' यानी वाद-विवाद मंच के सबसे बड़े सितारों में से एक थे। अपनी हाजिरजवाबी, हास्य और गहरे तमिल ज्ञान के कारण वे घर-घर में लोकप्रिय थे।

--आईएएनएस

एससीएच/पीएम