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तेलंगाना स्पीकर के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने पर बीआरएस के दो एमएलसी गिरफ्तार

तेलंगाना

हैदराबाद, 8 सितंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना विधानसभा के स्पीकर गद्दम प्रसाद कुमार के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक और अभद्र टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने बीआरएस के दो एमएलसी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए नेताओं के नाम टाटा मधुसूदन उर्फ मधु और एन. नवीन कुमार रेड्डी हैं। पुलिस ने मंगलवार को यह कार्रवाई की।

मधु को न्यू एमएलए क्वार्टर्स स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया, जबकि नवीन कुमार रेड्डी को कोकापेट स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया।

ये कथित टिप्पणियां उन्होंने सोमवार को विधानसभा के प्रवेश द्वार पर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के विधायकों और एमएलसी के विरोध प्रदर्शन के दौरान की थीं। उस दौरान पुलिस ने उन्हें नारों वाली काली टी-शर्ट पहनकर परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया था।

गिरफ्तारी विधानसभा अध्यक्ष के विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) पोल्लेपल्ली वेंकटेशम की शिकायत पर दर्ज मामले के बाद हुई है।

शिकायत में कहा गया है कि स्पीकर, जो अनुसूचित जाति (मादिगा) समुदाय से आते हैं, को जानबूझकर पत्रकारों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कर्मियों, विधानसभा कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों के सामने सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और नीचा दिखाया गया।

यह भी आरोप लगाया गया कि यह टिप्पणी उनकी सामाजिक पृष्ठभूमि की पूरी जानकारी के साथ की गई थी और इसका उद्देश्य उनकी व्यक्तिगत और संवैधानिक प्रतिष्ठा को कम करना था।

शिकायत के आधार पर सैफाबाद पुलिस ने बीएनएस की धारा के तहत मामला दर्ज किया है। कथित अपमानजनक टिप्पणियों की विधानसभा में व्यापक निंदा हुई। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और मंत्रियों ने मधु को विधान परिषद से बर्खास्त करने की मांग की।

जब मंत्री सीतक्का ने विधानसभा में इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि स्पीकर की मां के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी से उन्हें दुख पहुंचा है, तो स्पीकर गद्दम प्रसाद कुमार भावुक हो गए।

मंत्रियों ने टाटा मधु के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की भी मांग की थी। उन्होंने बीआरएस अध्यक्ष और विपक्ष के नेता के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) से माफी मांगने की भी मांग की। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भी इस मांग को दोहराते हुए कहा कि एमएलसी को न केवल माफी मांगनी चाहिए बल्कि अपने पद से इस्तीफा भी देना चाहिए।

भाजपा, एआईएमआईएम और सीपीआई ने भी स्पीकर के खिलाफ बीआरएस एमएलसी द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा की निंदा की। हालांकि, टाटा मधु ने स्पीकर के खिलाफ किसी भी तरह की अपमानजनक टिप्पणी करने से इनकार किया है। एक बयान में उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने उन्हें ऐसे शब्द कहने के लिए जिम्मेदार ठहराया जो उन्होंने कभी कहे ही नहीं।

उन्होंने कहा, "अगर मेरे द्वारा की गई टिप्पणियों को स्पीकर के खिलाफ माना जा रहा है, तो मैं उन टिप्पणियों को वापस लेता हूं। मैं इसके लिए खेद व्यक्त करता हूं।"

एमएलसी ने आरोप लगाया कि जब बीआरएस विधायक और एमएलसी विधानसभा परिसर में प्रवेश कर रहे थे तो उन पर हमला किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनके पेट में बार-बार मुक्का मारा। पेट में मुक्का मारे जाने के बावजूद मैंने एक शब्द नहीं कहा। असहिष्णुता के कारण उन्होंने मुझ पर ऐसे शब्द थोप दिए जो मैंने कभी कहे ही नहीं।

--आईएएनएस

वीकेयू/पीएम