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टेक्सटाइल, स्टील और आईटी सेक्टर को प्राथमिकता देगी बंगाल सरकार की नई औद्योगिक नीति

टेक्सटाइल, स्टील और आईटी सेक्टर को प्राथमिकता देगी बंगाल सरकार की नई औद्योगिक नीति

कोलकाता, 10 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार इस महीने अपनी नई औद्योगिक नीति को अंतिम रूप देने की तैयारी कर रही है। राज्य सचिवालय नबन्ना के सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित नई औद्योगिक नीति में उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनमें छोटे सहायक उद्योगों की मांग अधिक होती है। सरकार का मानना है कि ऐसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने से बड़े उद्योगों के साथ-साथ छोटे और मध्यम कारोबारों को भी विकास के अधिक अवसर मिलेंगे।

इसके अनुसार, राज्य सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में सहायक उद्योगों की ज्यादा मांग वाले कुछ सेक्टर की पहचान पहले ही कर ली गई है, ताकि प्रस्तावित नई औद्योगिक नीति में उन्हें प्राथमिकता दी जा सके।

ये सेक्टर टेक्सटाइल और गारमेंट, लोहा और स्टील, भारी बिजली के उपकरण, ऑटोमोटिव इंडस्ट्री और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स हैं।

'इंडस्ट्री के लिए जमीन' से जुड़ी नई पॉलिसी का ब्लूप्रिंट फाइनल करने के लिए 11 अगस्त को राज्य सचिवालय में एक अहम बैठक बुलाई गई है। इसकी अध्यक्षता राज्य के कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर तपस रॉय करेंगे और इसमें हिस्सा लेने व अपने सुझाव देने के लिए उद्योगपतियों और इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को बुलाया गया है।

इस मामले की जानकारी रखने वाले राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "बैठक में राज्य सरकार औद्योगीकरण और निवेश आकर्षित करने की अपनी योजनाओं की रूपरेखा पेश करेगी। इसमें उन सेक्टरों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां सहायक उद्योगों की भारी मांग है। साथ ही इस योजना को कैसे लागू किया जाए, इस पर उद्योगपतियों और उद्योग संघों के प्रतिनिधियों से सुझाव भी मांगे जाएंगे।"

उन्होंने कहा कि जिन सेक्टर में सहायक उद्योगों की ज्यादा मांग है। उन्हें प्राथमिकता देने का मुख्य कारण ऐसे निवेश को बढ़ावा देना है, जिनसे ज्यादा रोजगार पैदा हो सकें – चाहे मुख्य औद्योगिक इकाई में सीधे तौर पर हो या छोटे सहायक व्यवसायों में।

राज्य सरकार के अधिकारी ने कहा, "साथ ही, ऐसे सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने से, जहां सपोर्ट बिजनेस की भारी मांग है। मुख्य बिजनेस यूनिट्स के सहायक के तौर पर माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज को भी साथ-साथ बढ़ावा मिलेगा।"

उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रस्तावित नई औद्योगिक नीति 'ट्रिपल-टी' (चाय, लकड़ी और पर्यटन) क्षेत्र पर भी जोर देगी।

राज्य सरकार के अधिकारी ने कहा, "जैसा कि मुख्यमंत्री ने बताया था, पिछले हफ्ते केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्य में चाय और टेक्सटाइल सेक्टर को फिर से मजबूत करने के लिए हर तरह की केंद्रीय मदद का भरोसा दिया था। इसलिए अब राज्य सरकार का लक्ष्य एक ऐसी व्यापक औद्योगिक नीति बनाना है, जिससे बड़े निवेश हो सकें और साथ ही ज्यादा से ज्यादा रोजगार भी पैदा हों।"

इंडस्ट्री पर नजर रखने वालों का मानना ​​है कि ऐसे सेक्टर पर ध्यान देना, जहां सहायक उद्योगों की मांग हो, एक ही बार में बड़े निवेश और ज्यादा रोजगार पैदा करने का सही तरीका है।

शहर के एक औद्योगिक जानकार ने कहा, “जिन उद्योगों में सहायक उद्योगों की भारी मांग होती है, वे ‘सीधे’ और ‘अप्रत्यक्ष’ समर्थन वाले दोनों तरह के उद्यमों को बढ़ावा देते हैं। असल में नए बयान में जिन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है, वे एक ही बार में बड़े निवेश और ज्यादा रोजगार पैदा करने के दोहरे मकसद को पूरा करने के लिए सबसे उपयुक्त हैं।”

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी