पटना, 11 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मंगलवार को राज्य सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार का खजाना पूरी तरह खाली हो चुका है और सरकार के पास ठेकेदारों के भुगतान के साथ-साथ कर्मचारियों को वेतन और पेंशन देने तक के लिए पर्याप्त पैसा नहीं बचा है।
तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उर्दू और फारसी स्कूलों को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी हैं, जिन्हें अब तक वेतन नहीं मिला है। सरकार की वित्तीय स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि आज वेतन और पेंशन जैसे मुद्दों पर चर्चा करनी पड़ रही है।
उन्होंने आरोप लगाया, "इन लोगों ने लूट मचाकर खजाना पूरी तरीके से खाली कर दिया है।" तेजस्वी ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर वह एक बार नहीं, बल्कि कई बार सवाल उठा चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। राजद नेता ने बिहार में भ्रष्टाचार की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में बिना घूस दिए छोटा से छोटा काम भी नहीं हो पा रहा है। चाहे मामला निचले स्तर का हो या विभाग के मुख्यालय का, हर जगह भ्रष्टाचार का बोलबाला है।
उन्होंने कहा कि कहीं कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है और ऐसा लग रहा है कि बिहार में कोई सरकार ही नहीं है। तेजस्वी ने अपने वेतन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें भी पांच-छह महीने तक वेतन नहीं मिला था। उन्होंने कहा कि जब विधायकों और मंत्रियों तक को वेतन नहीं मिलने की स्थिति सामने आई, तब उन्होंने यह मुद्दा सार्वजनिक रूप से उठाया।
उन्होंने मंत्री अशोक चौधरी के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक-दो महीने में स्थिति ठीक हो जाएगी। तेजस्वी ने कहा कि अगर मंत्री ऐसा कह रहे हैं तो इसका मतलब है कि वे भी वित्तीय संकट की स्थिति को स्वीकार कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि यह समस्या एक-दो महीने में ठीक होने वाली नहीं है और उनके अनुसार इसे ठीक होने में चार साल भी लग सकते हैं।
तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार को जनता के सामने राज्य की वास्तविक वित्तीय स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और कर्मचारियों, पेंशनभोगियों तथा अन्य बकायेदारों के भुगतान की व्यवस्था करनी चाहिए।
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