टीएमसी में जो मौका परस्त हैं, वे पार्टी छोड़ देंगे, बुरे वक्त में ही सच्चे कार्यकर्ताओं की पहचान होती है: तारिक अनवर

टीएमसी में जो मौका परस्त हैं, वे पार्टी छोड़ देंगे, बुरे वक्त में ही सच्चे कार्यकर्ताओं की पहचान होती है: तारिक अनवर

नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में चल रही आंतरिक खींचतान और हालिया इस्तीफों पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि हर राजनीतिक पार्टी के सफर में ऐसे उतार-चढ़ाव आते हैं।

कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, “हर राजनीतिक पार्टी के सफर में ऐसी स्थितियां आती हैं। लोग पार्टी छोड़ते हैं और बंटवारे होते हैं। कांग्रेस का उदाहरण लें, इसमें दो बार बड़े बंटवारे हुए, फिर भी कांग्रेस बाद में उभरी और सत्ता में लौटी। मौका परस्त लोग पार्टी छोड़ते हैं, क्योंकि उनके लिए व्यक्तिगत हित सबसे ऊपर होते हैं, जबकि पार्टी हित दूसरे नंबर पर आता है। तृणमूल कांग्रेस में भी जो लोग मौका परस्त हैं, वे पार्टी छोड़ देंगे।”

टीएमसी नेता मोहम्मद अजमल सिद्दीकी के इस्तीफे और उनके बयान 'अभिषेक बनर्जी के साथ काम करना मुश्किल है' पर तारिक अनवर ने कहा, “अगर इस दावे को सच मान भी लिया जाए तो ऐसी बातें टीएमसी सत्ता में थी तब उठानी चाहिए थीं। हारने के बाद ऐसे आरोप लगाना मौका परस्ती है। जब पार्टी सत्ता और सरकार में थी, तब ये बातें कहने की हिम्मत होनी चाहिए थी।”

बता दें कि तृणमूल कांग्रेस नेता मोहम्मद अजमल सिद्दीकी ने शनिवार को पार्टी के सभी पदों और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसमें राज्य सचिव (अल्पसंख्यक सेल) का पद भी शामिल है।

टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को लिखे एक पत्र में सिद्दीकी ने कहा कि यह फैसला हल्के-फुल्के ढंग से नहीं लिया गया, क्योंकि उन्होंने पार्टी के लिए अपना समय, ऊर्जा और प्रतिबद्धता दी थी और हमेशा संगठन व उसके कार्यकर्ताओं के हित में काम किया था। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में काम करना और पार्टी के विस्तार व पहुंच बढ़ाने में योगदान देना सम्मान की बात रही है, लेकिन काफी सोच-विचार के बाद वे इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि अब वे पार्टी के साथ अपना जुड़ाव बनाए रखने की स्थिति में नहीं हैं।

कांग्रेस सांसद ने स्पष्ट किया कि मौका परस्ती राजनीति में आम है, लेकिन सच्चे कार्यकर्ता मुश्किल समय में भी पार्टी के साथ खड़े रहते हैं।

तारिक अनवर ने डीएमके को सलाह दी। उन्होंने कहा, “डीएमके को एक बात समझने की जरूरत है, तमिलनाडु में चुनाव के बाद जो राजनीतिक स्थिति बनी, उसमें भाजपा या उसके गठबंधन को रोकना जरूरी था। अगर भाजपा की स्थिति पर लगाम नहीं लगाई गई तो नुकसान होगा।”

--आईएएनएस

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